देहरादून। राजधानी में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और हाल के दिनों में हुई जघन्य हत्याओं को लेकर सोमवार को कांग्रेस ने बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। परेड ग्राउंड में सुबह से ही हजारों कार्यकर्ता जुटने लगे और बाद में राजभवन की ओर कूच किया गया। पार्टी नेताओं ने सरकार पर अपराध नियंत्रण में विफल रहने का आरोप लगाया और आमजन में बढ़ते भय के माहौल पर गंभीर चिंता जताई।
प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में निकले जुलूस में विधायक, पूर्व मंत्री, जिला एवं महानगर पदाधिकारी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए कहा कि राजधानी देहरादून सहित कई जिलों में दिन-दहाड़े हुई वारदातों ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने दावा किया कि बीते पंद्रह दिनों में राजधानी समेत विभिन्न जिलों में कई जघन्य हत्याएं हुईं, लेकिन सभी मामलों में त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी नहीं हो सकी। कांग्रेस का आरोप है कि इससे अपराधियों के हौसले बढ़ रहे हैं और आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने आरोप लगाया कि राज्य में प्रचंड बहुमत वाली सरकार ने जनादेश का सम्मान नहीं किया और कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। उनके अनुसार प्रदेश में अपराध बढ़े हैं, भय का माहौल है, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर घटे हैं और पलायन जारी है। उन्होंने पहाड़ी क्षेत्रों में स्कूलों के बंद होने और अस्पतालों की बदहाल स्थिति का भी उल्लेख किया। आर्य ने कहा कि धराली, बूढ़ा केदार, घनसाली, जोशीमठ, थराली, मुनस्यारी, धारचूला और तराई क्षेत्रों में आपदा प्रभावित परिवारों को अब तक बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि धराली में करीब 140 शव अब भी जमींदोज हैं। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन को कमजोर करने के लिए रातोंरात कांग्रेस के पोस्टर-बैनर हटाए गए, लेकिन आंदोलन जारी रहेगा।
चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह और चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने कहा कि “देवभूमि” की छवि वाले राज्य में बढ़ते अपराध बेहद चिंताजनक हैं। उनका आरोप है कि मौजूदा सरकार अपराध रोकने में प्रभावी कदम उठाने में असफल रही है और कानून का भय कम होता दिखाई दे रहा है।
प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि महिला अपराधों में वृद्धि सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़ा करती है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पुलिस-प्रशासन के समक्ष निम्न मांगें रखीं—
संवेदनशील और अपराध-प्रवण क्षेत्रों में विशेष सघन अभियान चलाया जाए।
संगठित अपराध एवं हिस्ट्रीशीटर अपराधियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
हर गंभीर आपराधिक घटना की समयबद्ध और उच्चस्तरीय जांच सुनिश्चित की जाए।
पुलिस प्रशासन की जवाबदेही तय कर लापरवाही पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
आमजन में सुरक्षा की भावना स्थापित करने के लिए दृश्यमान और प्रभावी कदम उठाए जाएं।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही कानून-व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो पार्टी चरणबद्ध और उग्र आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष जनता की सुरक्षा, न्याय और प्रदेश में शांति व्यवस्था की बहाली के लिए है।
