जनपद रुद्रपुर में किसानों की सुविधा और पारदर्शी खरीद प्रक्रिया को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय की अध्यक्षता में आयोजित जिला सभागार की बैठक में गेहूं खरीद सत्र 2026-27 को लेकर नई रणनीतियों पर चर्चा की गई। इस बैठक में कुमाऊं संभाग के विपणन अधिकारी, मुख्य कृषि अधिकारी और स्थानीय कृषक विशेष रूप से उपस्थित रहे।
माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन को धरातल पर उतारते हुए, प्रशासन ने यह निर्णय लिया है कि मंडी से दूर दराज के क्षेत्रों में रहने वाले किसानों को अब अनाज बेचने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी होगी। मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में, मंडी परिसर से 08 किलोमीटर से अधिक की दूरी पर स्थित क्रय केंद्रों को अब सीधे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जा रहा है।
जनपद में 01 अप्रैल से कुल 108 केंद्र स्थापित किए गए थे। इनमें से खाद्य विभाग के 18 केंद्रों को यथावत रखते हुए, शेष 90 केंद्रों में से जो भी केंद्र निर्धारित दूरी की परिधि से बाहर हैं, उन्हें अगले 48 घंटों के भीतर गांवों में स्थापित करने की व्यवस्था की जा रही है। इस त्वरित कार्रवाई का उद्देश्य किसानों को परिवहन की समस्या से निजात दिलाना और उनके समय की बचत करना है।
अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पिछले तीन वर्षों के अनुभवों और किसानों को उचित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) दिलाने के उद्देश्य से पहले इन केंद्रों को मंडी परिसरों में प्रस्तावित किया गया था। हालांकि, कृषकों की सुविधा और उनके विशेष अनुरोध पर मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए इन्हें पुनः ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक के दौरान मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. वीके यादव और अन्य अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे खरीद प्रक्रिया पर पैनी नजर रखें। प्रशासन का लक्ष्य है कि सत्र 2026-27 के दौरान एक भी पात्र किसान सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे और गेहूं की खरीद सुचारू एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न हो।
