हरियाणा सरकार द्वारा बोर्डों, निगमों और विभिन्न संस्थाओं में की गई ताजा नियुक्तियों को केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि एक व्यापक राजनीतिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इन नियुक्तियों के जरिए संगठन के उन नेताओं और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी हैं, जो लंबे समय से सरकार में प्रतिनिधित्व की उम्मीद लगाए हुए थे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नायब सरकार के गठन के बाद यह पहली बड़ी नियुक्ति प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से भाजपा नेतृत्व ने संगठनात्मक संतुलन साधने और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया है। यह कदम भविष्य के चुनावी समीकरणों और संगठनात्मक मजबूती की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
महत्वपूर्ण नियुक्तियों में रोहतास जांगड़ा को हरियाणा लेबर वेलफेयर बोर्ड का चेयरमैन बनाया गया है। वहीं वरिष्ठ भाजपा नेता एडवोकेट वेदपाल को हरियाणा स्टेट एग्रीकल्चर मार्केटिंग बोर्ड की कमान सौंपी गई है। यह बोर्ड प्रदेश की मंडियों के संचालन, ग्रामीण संपर्क सड़कों के निर्माण और रखरखाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कृषि और ग्रामीण विकास क्षेत्र में भी सरकार ने राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश की है। राजपाल बैनीवाल को हरियाणा किसान कल्याण प्राधिकरण में सदस्य नियुक्त किया गया है, जबकि गुरनाम सैनी को हरियाणा भूमि सुधार एवं विकास निगम का चेयरमैन बनाया गया है।
सहकारिता क्षेत्र में सुभाष कलसाना को राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक की प्रबंध समिति में सरकार का प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है। वहीं भारत भूषण जुयाल को हरको बैंक का चेयरमैन बनाकर सरकार ने सहकारी तंत्र में अपनी सक्रियता का संकेत दिया है।
महिला नेतृत्व को भी इन नियुक्तियों में विशेष महत्व दिया गया है। सुनीता दांगी को हरियाणा महिला विकास निगम की चेयरपर्सन नियुक्त कर सरकार ने महिलाओं की भागीदारी को संस्थागत नेतृत्व तक विस्तार देने का संदेश दिया है।
चुनावी राजनीति में सक्रिय रहे नेताओं को भी जिम्मेदारियां मिली हैं। जुलाना विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके कैप्टन योगेश बैरागी को हरियाणा राज्य सोशल वेलफेयर बोर्ड का चेयरमैन बनाया गया है। इसे चुनावी मैदान में पार्टी के लिए सक्रिय भूमिका निभाने वाले नेताओं के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।
सरकार ने सांस्कृतिक क्षेत्र को भी नजरअंदाज नहीं किया है। लोक गायक बिंदर दनोदा, महेश जोशी, अमित सैनी और गगन हरियाणवी को कला परिषद से जुड़ी जिम्मेदारियां देकर सांस्कृतिक क्षेत्र के प्रभावशाली वर्ग को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह नियुक्ति प्रक्रिया अभी समाप्त नहीं हुई है। कई बोर्डों, निगमों और आयोगों में महत्वपूर्ण पद अभी भी रिक्त हैं, ऐसे में आने वाले समय में नियुक्तियों का दूसरा चरण भी देखने को मिल सकता है।
