हरियाणा कैबिनेट की बैठक में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए हरियाणा ग्राम साझा भूमि (विनियमन) नियमों में संशोधन को मंजूरी दे दी है। संशोधित प्रावधानों को हरियाणा ग्राम साझा भूमि (विनियमन) संशोधन नियम, 2026 के नाम से लागू किया जाएगा।
नए नियमों के अनुसार, यदि किसी निजी परियोजना को स्थापित करने के लिए आवश्यक सीएलयू या लाइसेंस मिलने के बाद भी वहां तक पहुंचने के लिए उचित रास्ता उपलब्ध नहीं है, तो सरकार अब शामलात देह यानी गांव की साझा जमीन से रास्ता उपलब्ध करवा सकेगी। हालांकि इसके लिए ग्राम पंचायत और ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य होगी।
इस प्रस्ताव को मंजूरी देने के लिए ग्राम पंचायत के कम से कम तीन-चौथाई (75 प्रतिशत) सदस्यों और ग्राम सभा के दो-तिहाई (लगभग 66 प्रतिशत) सदस्यों की सहमति से प्रस्ताव पारित करना होगा।
राज्य में बुनियादी ढांचा, आवास, औद्योगिक और वाणिज्यिक परियोजनाओं के लिए विभिन्न विभागों से अनुमति लेना अनिवार्य होता है। साथ ही इन परियोजनाओं के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार सड़क की उपलब्धता भी जरूरी होती है। पहले शामलात देह की जमीन को न तो बेचा जा सकता था और न ही लंबे समय के लिए पट्टे पर दिया जा सकता था, जिसके कारण कई परियोजनाओं को रास्ता देने में दिक्कत आती थी।
सरकार के इस नए फैसले से इन बाधाओं को दूर करने और विकास परियोजनाओं को गति देने में मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
