चंडीगढ़ : सिखों की शीर्ष धार्मिक संस्था अकाल तख्त साहिब ने एक कथित आपत्तिजनक वीडियो में झूठ बोलने के मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को सोमवार को ‘गुरु द्रोही’ और ‘खालसा पंथ विरोधी’ घोषित कर दिया. अमृतसर में ‘पांच सिंह साहिबान’ (सिख धर्मगुरुओं) की बैठक के बाद, अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज ने अकाल तख्त की ‘फसील’ (मंच) से यह आदेश सुनाया.
जानकारी के अनुसार, शुरू में चर्चा के लिए केवल दो अहम मुद्दों का ज़िक्र किया गया था. पहला मुद्दा बेअदबी कानून का था और दूसरा बलवंत सिंह राजोआना की दया याचिका वापस लेने का. इसी मौके पर जत्थेदार कुलदीप सिंह गरगज ने मुख्यमंत्री के कथित वीडियो का तीसरा मुद्दा भी शामिल किया.
‘सीएम से वीडियो पर स्पष्टीकरण मांगा गया था’
जत्थेदार ने कहा कि “15 जनवरी को मुख्यमंत्री को बुलाया गया था. उनसे गोलक (दान पेटी) पर दिए गए बयान पर स्पष्टीकरण मांगा गया था. उस समय सीएम ने कहा था कि वे गोलक पर आगे कोई बयान नहीं देंगे. लेकिन बाद में भी वे गोलक पर बयान देते रहे हैं. दूसरी बात, उनके कथित वीडियो के बारे में भी स्पष्टीकरण मांगा गया था, जिसे उन्होंने नकली बताया था और कहा था कि वीडियो की जांच किसी लैब से कराई जानी चाहिए.”
“हमने 27 जनवरी को पंजाब सरकार को पत्र लिखकर उन लैब के नाम मांगे थे जिनसे हम वीडियो की जांच करवा सकें. लेकिन सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं मिला. फिर 4 जून को हमने वीडियो की जांच के लिए चंडीगढ़ स्थित सीएफएसएल लैब को भी मेल भेजा. लेकिन वहां से भी कोई जवाब नहीं आया. हमने 11 जून को उस लैब को रिमाइंडर भी भेजा था. उसके बाद, हमने खुद भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त दो लैब से जांच करवाई है. सुप्रीम कोर्ट भी इन लैब की जांच को स्वीकार करता है और लैब ने यह भी कहा है कि अगर किसी अदालत में जाने की ज़रूरत पड़ी, तो हम वहां आकर जांच की पुष्टि करेंगे. लैब की जांच से साबित हुआ है कि वीडियो के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है और ऐसा कोई संकेत नहीं है कि यह एआई से बना है. लैब ने सर्टिफिकेट भी दिए हैं जिन्हें हर अदालत में मान्यता मिलेगी.” – कुलदीप सिंह गरगज, कार्यवाहक जत्थेदार, श्री अकाल तख्त साहिब
मुख्यमंत्री भगवंत को ‘गुरु-द्रोही’ और ‘खालसा पंथ विरोधी’ करार दिया गया
श्री अकाल तख्त साहिब से फैसला सुनाते हुए, कार्यवाहक जत्थेदार कुलदीप सिंह गरगज ने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह के वीडियो के बारे में शिकायतें मिलने के बाद, जब उन्हें 15 जनवरी 2026 को श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में बुलाया गया, तो उन्होंने उस कथित वीडियो को झूठा और एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से बना बताया था. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह ने श्री अकाल तख्त साहिब से झूठ बोला; उनसे ऐसी उम्मीद नहीं की जा सकती थी. पांच सिंह साहिबानों की बैठक के बाद यह फैसला लिया गया है कि मुख्यमंत्री भगवंत को ‘गुरु-द्रोही’ और ‘खालसा पंथ विरोधी’ करार दिया जाए. गुरु खालसा पंथ को कभी भी ऐसी स्थिति का सामना नहीं करना चाहिए.”
जत्थेदार ने लैब के नाम नहीं बताए
खास बात यह है कि जत्थेदार ने लैब के नाम नहीं बताए और कहा कि सरकार इस रिपोर्ट को चुनौती दे सकती है. जत्थेदार ने कहा कि अगर सरकार इसे चुनौती देती है, तो हम अदालत जाएंगे और लैब के नामों की जानकारी देंगे, और लैब के प्रतिनिधि भी इसकी पुष्टि करेंगे.
कथित वीडियो पर जत्थेदार के बयान के बाद AAP की प्रतिक्रिया
दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. आप के मुख्य प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जवाब दिया. उन्होंने कहा, “लैब रिपोर्ट में सिर्फ़ यह कहा गया है कि यह वीडियो असली है, लेकिन कहीं भी यह नहीं बताया गया है कि वीडियो में दिखने वाला व्यक्ति कौन है? कहीं भी यह साबित नहीं हुआ है कि वीडियो में दिखने वाला व्यक्ति मुख्यमंत्री भगवंत मान ही हैं.”
पन्नू ने दावा किया कि वे जल्द ही इस वीडियो का सच सबके सामने लाएंगे. साथ ही, उन्होंने जत्थेदार पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि यह पहली बार है जब जत्थेदार राजनीति में खुलकर एक पक्ष के तौर पर सामने आए हैं.
बलतेज पन्नू ने आरोप लगाया कि “एसजीपीसी और अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार शिरोमणि अकाली दल के प्रतिनिधि बनकर ‘आप’ सरकार को बदनाम करना चाहते हैं. वे यह बात पचा नहीं पा रहे हैं कि मुख्यमंत्री ने बेअदबी के खिलाफ इतने कड़े कानून बनाए हैं और चार साल में कोई भी काम अधूरा नहीं छोड़ा है. यह पहली ऐसी सरकार है जिसके खिलाफ साढ़े चार साल बाद भी सत्ता-विरोधी लहर नहीं है. विपक्ष की पार्टियां, जिनके पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है, झूठे आरोप लगा रही हैं.”
कांग्रेस सांसद का तंज
कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने एक्स पर लिखा, “अगर जत्थेदार साहिब का वीडियो असली है, तो फिर देरी किस बात की है?” शिरोमणि अकाली दल ने एक्स पर लिखा, “श्री अकाल तख्त साहिब में संगत को संबोधित करते हुए जत्थेदार कुलदीप सिंह गरगज जी ने पुष्टि की है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर भगवंत मान द्वारा गुरु साहिबान की तस्वीर और संतों की छोटी मूर्ति पर शराब छिड़कने वाला वीडियो सही पाया गया है. शिरोमणि अकाली दल, भगवंत मान द्वारा की गई इस अक्षम्य बेअदबी की कड़ी निंदा करता है. यह बेहद शर्मनाक है कि राज्य के मुख्यमंत्री के मन में हमारे गुरु साहिबान और हमारे शहीदों के प्रति ऐसी बुरी भावना है. इस संबंध में, शिरोमणि अकाली दल जत्थेदार कुलदीप सिंह गरगज जी के नेतृत्व में पंथ द्वारा जारी किसी भी आदेश का पूरी निष्ठा से पालन करेगा.”
