प्रत्येक रेल नीर संयंत्र की क्षमता प्रतिदिन 1 लाख बोतल है
गोरखपुर 05 अगस्त,2026: वर्तमान में, देश भर में कार्यरत रेल नीर संयंत्रों से सभी महत्वपूर्ण ट्रेनों और स्टेशनों पर बोतलबंद किए गए पेयजल (पीडीडब्ल्यू) ‘रेल नीर’ की मांग पूरी की जा रही है। भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) को भारतीय रेलवे पर रेल नीर की आवश्यकता और मांग के अनुसार चिन्हित स्थानों पर रेल नीर संयंत्र स्थापित करने का कार्य सौंपा गया है।
रेल नीर प्लांट (पीपीपी मॉडल) स्थापित करने की अनुमानित लागत प्रतिदिन 1,00,000 बोतलों की क्षमता वाले प्लांट के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये है। इस लागत में प्री-इंजीनियर्ड बिल्डिंग (पीईबी) शेड का निर्माण, प्लांट और मशीनरी की स्थापना शामिल है, लेकिन भूमि की लागत इसमें शामिल नहीं है।
देश भर में कार्यरत 19 रेल नीर संयंत्रों में – दिल्ली में नांगलोई, बिहार में दानापुर, महाराष्ट्र में अंबरनाथ, तमिलनाडु में पलुर, मध्य प्रदेश में मनेरी, उत्तर प्रदेश में अमेठी, महाराष्ट्र में नागपुर, हिमाचल प्रदेश में ऊना, उत्तर प्रदेश में हापुड़, असम में जागीरोड, पश्चिम बंगाल में संकराइल, राजस्थान में कोटा, मध्य प्रदेश में मंडीदीप, गुजरात में साणंद, महाराष्ट्र में भुसावल, ओडिशा में भुवनेश्वर, छत्तीसगढ में बिलासपुर, आंध्र प्रदेश में सिम्हाद्री, आंध्र प्रदेश में विजयवाड़ा संयंत्र सम्मिलित है।
केंद्रीय रेल मंत्री सूचना एवं प्रसारण मंत्री और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज लोकसभा में प्रश्न के जवाब में यह जानकारी दी।
