शिमला। राज्य सरकार स्कूलों के बाद अब कालेजों का भी विलय करने जा रही है। 75 से कम विद्यार्थियों की संख्या वाले कालेजों को साथ लगते कालेजों में विलय (मर्ज) किया जाएगा। इन कालेजों के विद्यार्थी यदि जिला मुख्यालय के कालेजों में दाखिला लेते हैं तो सरकार उन्हें प्रति माह 5 हजार की राशि बतौर स्टाइपंड देगी।
जो जिला मुख्यालय के कालेज में नहीं पढ़ना चाहते उन विद्यार्थियों का दाखिला निकट के कालेजों में करवाया जाएगा ताकि उनकी पढ़ाई बिना किसी रुकावट के जारी रहे। हाल ही में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इसको लेकर निर्णय हो चुका है।
आगामी कार्रवाई के लिए मामले की फाइल उच्च शिक्षा निदेशक डा. अमरजीत शर्मा को भेज दी है। करीब 10 कालेजों को पहले चरण में मर्ज किया जाएगा। सरकार 100 से कम विद्यार्थियों वाले कालेजों को मर्ज करना चाहती है, लेकिन पहले चरण में केवल 75 से कम कालेज लिए जा रहे हैं।
अन्य कालेजों में इस साल होने वाले दाखिलों को भी देखा जाएगा। विभाग का कहना है कि इसका मकसद संसाधनों के सही इस्तेमाल और शिक्षकों की उपलब्धता को बेहतर बनाना है। विलय के बाद इन संस्थानों में कार्यरत शिक्षक और गैर शिक्षक को दूसरे कालेजों में बदला जाएगा।
इन कॉलेजों का हो सकता है विलय
75 से कम विद्यार्थियों की संख्या वाले कालेजों में टिक्कर में 6, कुपवी में 53 और ननखड़ी में 66 विद्यार्थी हैं। ये तीनों कालेज शिमला जिला के हैं। मंडी जिले के संधोल में 38 और कोटली में 70 विद्यार्थी पढ़ते हैं। कांगड़ा जिले के हरिपुर गुलेर में 32, जबकि मुल्थान में 59 विद्यार्थी पढ़ते हैं।
चंबा जिले के भलेई कॉलेज में 19 विद्यार्थी हैं, सोलन जिले के जयनगर में 68 विद्यार्थी हैं, और लाहुल-स्पीति जिले के कुकुमसेरी में 40 विद्यार्थी हैं। हरिपुर गुलेर कालेज को सरकार फाइन आर्ट कालेज बनाने जा रही है।
2023 में 19 कालेज किए थे डिनोटिफाई
मार्च 2023 में सरकार ने भाजपा सरकार के समय पहली अप्रैल 2022 के बाद खुले 17 डिग्री और दो संस्कृत कालेजों को भी बंद कर दिया था। 2022 में खोले गए 24 में से 19 कालेजों को डिनोटिफाई किया गया था।
पहले चरण में 75 से कम विद्यार्थियों की संख्या वाले कालेजों को मर्ज किया जाएगा। अभी कालेजों की वार्षिक परीक्षाएं चल रही है। नए सत्र से यह व्यवस्था लागू होगी। नए सत्र से कालेजों में समेस्टर प्रणाली को भी लागू करने का निर्णय लिया गया है।
– रोहित ठाकुर, शिक्षा मंत्री
