शिमला। शिक्षा निदेशालय के पुनर्गठन के बाद अब सरकार जिलास्तर पर भी बड़ा बदलाव करने जा रही है। हर जिला में संयुक्त निदेशक शिक्षा का पद सृजित किया जाएगा। इसके बाद उपनिदेशक प्रारंभिक, उच्च व इंस्पेक्शन संयुक्त निदेशक के अधीन रहेंगे। शिक्षा विभाग के इस प्रस्ताव को वित्त विभाग की मंजूरी के लिए भेजा गया है।
वित्त विभाग करेगा आकलन
संयुक्त निदेशक का पद सृजित होने से कितना अतिरिक्त वित्तीय भार सरकार पर पड़ेगा। इससे क्या फायदा होगा, इसका आकलन वित्त विभाग करेगा। वित्त विभाग की मंजूरी के बाद ही प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट में रखा जाएगा।
संयुक्त निदेशक के अधीन होगा जिला
जिलों में उपनिदेशक के न केवल कार्यालय अलग-अलग हैं बल्कि स्टाफ भी अलग-अलग बैठता है। पुनर्गठन के बाद इसे एक ही छत्त के नीचे लाने की भी तैयारी है। निदेशालय से जो पत्राचार उपनिदेशक कार्यालय के साथ किया जाता है इसको लेकर अलग-अलग पत्र भेजने पड़ते हैं। अब संयुक्त निदेशक के अधीन पूरा जिला रहेगा। दो दिन पहले शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में इस पर विस्तृत चर्चा की गई। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने सचिव शिक्षा राकेश कंवर को निर्देश दिए हैं कि जल्द इस मामले को कैबिनेट में लाया जाए।
अभी यह है व्यवस्था
हर जिला में तीन उपनिदेशक हैं। उप निदेशक प्रारंभिक के पास कक्षा पहली से आठवीं तक का कार्यभार होता है, जबकि उच्चतर के पास 9वीं से 12वीं तक की व्यवस्था का जिम्मा है। इंस्पेक्शन का कार्य तीसरे उप निदेशक के पास है।
शिक्षकों को पदोन्नति का मिलेगा एक और मौका
शिक्षा विभाग में उप निदेशक के 41 पद सृजित हैं। प्रधानाचार्य से पदोन्नत होकर उपनिदेशक बनते हैं। उपनिदेशक पदोन्नति वाला पद है। संयुक्त निदेशक का पद जिला में सृजित होने के बाद शिक्षकों को पदोन्नति का एक और मौका मिल जाएगा। नहीं तो पदोन्नति के बाद वे उपनिदेशक पद से ही सेवानिवृत हो जाते थे।
