शिमला। कांग्रेस सरकार के गठन के पौने चार साल के लंबे अंतराल के बाद कुल्लू जिले को मंत्रिमंडल में स्थान मिलने जा रहा है। कुल्लू से कांग्रेस विधायक सुंदर सिंह ठाकुर का मंत्री बनना तय है। वह विधानसभा के मानसून सत्र से पहले शपथ ले सकते हैं। अब विधानसभा उपाध्यक्ष पद के लिए राजनीतिक जंग भी तेज हो गई है।
पालमपुर से विधायक आशीष बुटेल को विधानसभा उपाध्यक्ष बनाया जा सकता है, जबकि ज्वालामुखी से विधायक संजय रतन का नाम भी चर्चा में है। वीरभद्र सरकार (2012-17 ) में भी कुल्लू जिला को मंत्री पद मिलने में देरी हुई थी। तब सरकार गठन के ढाई साल बाद कर्ण सिंह को आयुर्वेद मंत्री बनाया गया था।
21 अगस्त से शुरू हो रहा सत्र
नए मंत्री की ताजपोशी क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों के साथ-साथ 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, नए मंत्री के साथ मंत्रियों के विभागों में भी फेरबदल किया जाएगा। विधानसभा का मानसून सत्र 21 अगस्त से शुरू हो रहा है और सत्र समाप्ति के बाद विभागों में बदलाव संभव है।
अभी यह है स्थिति
वर्तमान में कैबिनेट में मुख्यमंत्री समेत 11 मंत्री हैं। हमीरपुर जिला से मुख्यमंत्री और ऊना जिला से उपमुख्यमंत्री हैं। शिमला जिला से तीन मंत्री हैं, जबकि सोलन, सिरमौर, बिलासपुर और किन्नौर से एक-एक मंत्री हैं। कांगड़ा से दो मंत्री हैं, लेकिन मंडी, लाहुल स्पीति, चंबा और कुल्लू से कोई मंत्री नहीं है। चंबा से विधानसभा अध्यक्ष हैं।
सरकार व संगठन में शिमला संसदीय क्षेत्र का पलड़ा भारी सरकार और संगठन में शिमला संसदीय क्षेत्र का पलड़ा भारी है। शिमला संसदीय क्षेत्र से पांच मंत्री हैं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार व संगठन महासचिव विनोद जिंटा भी इसी संसदीय क्षेत्र से हैं। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव मीडिया नरेश चौहान, ओएसडी रितेश कपरेट, गोपाल शर्मा और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अन्य पदाधिकारियों की संख्या भी शिमला संसदीय क्षेत्र से अधिक है।
