रायबरेली निवासी सैयद नफ़ीसुद्दीन की पुत्री डॉ.आयशा सुम्बुल ने उत्तर प्रदेश पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (PGT) भर्ती परीक्षा में 500 में से 445 अंक प्राप्त कर प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। उनकी इस शानदार सफलता ने न केवल उनके परिवार का बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
आयशा सुम्बुल कुछ समय तक अमेरिका में रह रही थीं, जहाँ उनके पति शोधार्थी (रिसर्च स्कॉलर) के रूप में कार्यरत थे। विदेश में रहने के बावजूद उनका सपना हमेशा अपने देश लौटकर सरकारी विद्यालय में अध्यापन करना और देश के भविष्य को संवारने में अपनी भूमिका निभाना था। इसी उद्देश्य से उन्होंने भारत लौटकर पूरी लगन और मेहनत के साथ परीक्षा की तैयारी की और आज अपनी मेहनत के दम पर प्रदेश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया।
आयशा का मानना है कि एक शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षा ही नहीं देता, बल्कि उनके व्यक्तित्व और राष्ट्र के भविष्य का निर्माण भी करता है। उनकी यह उपलब्धि लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है कि दृढ़ संकल्प, निरंतर परिश्रम और स्पष्ट लक्ष्य के साथ किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।
आयशा सुम्बुल का वक्तव्य
“यह सफलता मेरे वर्षों के परिश्रम, मेरे परिवार की दुआओं और उनके अटूट विश्वास का परिणाम है। सबसे पहले मैं अल्लाह का शुक्र अदा करती हूँ, जिन्होंने मुझे यह मुकाम हासिल करने की ताकत और हिम्मत दी।”
“मैं अपने पति की दिल से आभारी हूँ, जिन्होंने हर कठिन समय में मेरा हौसला बढ़ाया और हमेशा मेरा साथ दिया। मैं अपने माता-पिता और परिवार के सभी सदस्यों का भी धन्यवाद करती हूँ, जिनके प्यार, त्याग और विश्वास ने मुझे हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।”
“विदेश में रहते हुए भी मेरा सपना हमेशा अपने देश लौटकर सरकारी विद्यालय में शिक्षक बनना और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में योगदान देना था। आज यह सपना साकार हुआ है और इससे बड़ी खुशी मेरे लिए कोई नहीं हो सकती।”
“मैं अपनी यह सफलता अपने पूरे परिवार को समर्पित करती हूँ। उनकी दुआओं, सहयोग और विश्वास के बिना यह संभव नहीं था। मेरी कोशिश रहेगी कि एक समर्पित शिक्षिका के रूप में समाज और देश की सेवा करूँ तथा आने वाली पीढ़ी को बेहतर भविष्य देने में अपना योगदान निभाऊँ।”
