देहरादून। अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर भाजपा पर लगातार हमलावर रहे पूर्व कैबिनेट मंत्री डा. हरक सिंह रावत अब खुद विवादों के भंवर में घिरते नजर आ रहे हैं। भाजपा ने जेनी प्रकरण का जिन्न फिर बाहर निकालकर हरक के सामने पुराने सवालों की फाइल खोल दी है।
अभी इस पलटवार की तपिश कम भी नहीं हुई थी कि जमीन विवाद ने उनकी मुश्किलों में एक और अध्याय जोड़ दिया। नौबत यहां तक पहुंची कि हरक की पत्नी दीप्ति रावत को सार्वजनिक मोर्चा संभालना पड़ा।
भाजपा को घेरने के लिए आक्रामक तेवर अपनाने वाले हरक अब एक के बाद एक उठते सवालों का सामना कर रहे हैं, जिस सियासी लड़ाई में हरक भाजपा को घेरने निकले थे, उसी में अब उनके सामने कई मोर्चे खुल गए हैं।
दरअसल, इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर हरक सिंह रावत के भाजपा पर हमलों से हुई। हरक सिंह ने हमला तेज किया तो भाजपा ने भी रक्षात्मक रहने के बजाय पलटवार की रणनीति अपनाई।
खुद सीएम धामी ने जेनी प्रकरण का जिक्र छेड़ दिया तो प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भी कई सवालों को खड़ा किया। भट्ट ने पूछा कि जेनी के बच्चे का पिता कौन था, यह बात सार्वजनिक क्यों नहीं हुई? उन्होंने जेनी की ओर से लगाए गए आरोपों का उल्लेख किया। हरक सिंह भाजपा से सवाल पूछ रहे थे और भाजपा ने उनके ही पुराने सवालों की फाइल खोलकर सियासी दांव चल दिया है।
लेनदेन की शिकायत ने मुश्किलें बढ़ाईं
जमीन खरीदने को लेकर हुए लेनदेन की शिकायत ने भी हरक सिंह की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भूस्वामी ने संपत्ति के सौदे में बकाया रकम का भुगतान नहीं होने, चेक बाउंस होने और उत्पीड़न के आरोप लगाए।
शिकायत में हरक सिंह रावत और जसबीर कौर आनंद उर्फ सोनिया आनंद का नाम भी सामने आया। पुलिस ने शिकायत की जांच एसपी सिटी को सौंपी है। इस विवाद ने राजनीतिक रंग तब पकड़ा जब शिकायतकर्ता ने संबंधित महिला को हरक सिंह रावत की पत्नी बताया। इसके बाद तो मामला पारिवारिक संबंधों के विवाद तक पहुंच गया।
घर से भी उठा सवाल, दीप्ति रावत आईं सामने
दीप्ति रावत ने सार्वजनिक रूप से कहा कि वह हरक सिंह रावत की पत्नी हैं। उन्होंने दूसरी महिला को हरक की पत्नी बताए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने अपने सम्मान की रक्षा के लिए न्यायालय जाने की बात भी कही।
पूरे घटनाक्रम को देखें तो हरक सिंह रावत के सामने इस समय तीन अलग-अलग मोर्चे हैं। पहला, अंकिता प्रकरण को लेकर भाजपा के साथ राजनीतिक टकराव। दूसरा, जेनी प्रकरण पर भाजपा की ओर से उठाए जा रहे पुराने सवाल। तीसरा, जमीन के लेनदेन की शिकायत और उससे जुड़े पारिवारिक दावे।
