शिमला। हिमाचल प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने पांच शहरी स्थानीय निकायों में वार्डों के परिसीमन का विस्तृत कार्यक्रम घोषित किया है। निर्वाचन आयुक्त अनिल कुमार खाची के आदेश से जारी इस अधिसूचना के साथ शहरी निकायों में चुनावी प्रक्रिया की औपचारिक तैयारियां तेज हो गई हैं। यह कार्यक्रम नवगठित एवं विस्तारित क्षेत्रों वाले निकायों पर लागू होगा।
इस संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग ने सोमवार को अधिसूचना जारी की। इनमें नई बनाई गई नगर परिषद व नगर पंचायतें शामिल हैं।
जिला हमीरपुर में नगर परिषद नादौन, बिलासपुर की नगर पंचायत झंडूता व स्वारघाट, सिरमौर की नगर पंचायत संगड़ाह और ऊना की नगर पंचायत बंगाणा शामिल हैं। इनके परिसीमन का शेड्यूल जारी किया गया है। इसके लिए तीन से 25 मार्च तक प्रक्रिया चलेगी।
30 मार्च तक आरक्षण रोस्टर जारी करने को कहा गया है। इसके बाद 30 मार्च, 2026 तक वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी कर सरकार को अंतिम रिपोर्ट आयोग को भेजनी होगी।
नगर निगम बद्दी सहित पांच नगर निकायों में नहीं होगा दोबारा परिसीमन
राज्य निर्वाचन आयोग ने अलग से अधिसूचना जारी कर स्पष्ट किया है कि जिला सोलन में नगर निगम बद्दी, नगर पंचायत कुनिहार, जिला कांगड़ा में नगर परिषद ज्वालामुखी व नगर पंचायत नगरोटा सूरियां और हमीरपुर में नगर पंचायत बड़सर के गठन और उन्नयन को लेकर उच्च न्यायालय में याचिकाएं दायर हुई थीं, वहां नए सिरे से परिसीमन की आवश्यकता नहीं है। आयोग ने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में शहरी विकास विभाग द्वारा आपत्तियों की सुनवाई कर अंतिम अधिसूचनाएं पहले ही जारी की जा चुकी हैं और भौगोलिक क्षेत्र व जनसंख्या (जनगणना 2011) में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। इसलिए चार और 14 जुलाई, 2025 को जारी अंतिम परिसीमन आदेश ही आगामी आम चुनावों के लिए प्रभावी रहेंगे।
ये है शेड्यूल
- परिसीमन ड्राफ्ट प्रकाशित होगा: तीन मार्च
- आम नागरिकों से आपत्तियां व सुझाव: 10 मार्च तक
- उपायुक्त आपत्तियों का निपटारा करेंगे: 13 मार्च तक
- उपायुक्त के आदेश के विरुद्ध सात दिन में मंडलायुक्त को अपील दायर की जा सकेगी
- मंडलायुक्त निपटारा करेंगे: 24 मार्च तक
- अंतिम परिसीमन आदेश: 25 मार्च तक।
