पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी ने उम्मीदवारों की पहली सूची तैयार कर ली है। शुक्रवार को नई दिल्ली में पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) की बैठक में नामों पर अंतिम मुहर लगा दी गई। सूची शनिवार दोपहर जारी होगी। इसमें 20 से अधिक उम्मीदवारों के नाम होने की संभावना है। पार्टी ने इस बार भी सबसे पहले प्रत्याशियों की घोषणा करने की तैयारी की है।
पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के आवास पर हुई बैठक में मुख्यमंत्री भगवंत मान, पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन और जैस्मीन शाह शामिल हुए। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जुड़े। शनिवार सुबह पीएसी की एक और बैठक होगी, जिसमें सूची जारी करने की औपचारिकता पूरी की जाएगी।
बैठक में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों और संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि कई नामों पर विचार किया गया है और कुछ नाम तय कर पीएसी के सामने रख दिए गए हैं। उम्मीदवारों के चयन में पार्टी ने सर्वे और जनता के फीडबैक को आधार बनाया है।
सूत्रों के मुताबिक, पहली सूची में मौजूदा मंत्रियों, दो बार चुनाव जीत चुके विधायकों और नए हलका प्रभारियों को प्राथमिकता मिल सकती है। जिन नेताओं के नाम पर संगठन में ज्यादा विरोध नहीं है, उन्हें पहली सूची में जगह मिलने की संभावना है। दो बार जीत चुके विधायकों को तीसरी बार मैदान में उतारने पर भी सहमति बनती दिख रही है।
मान ने कहा कि पार्टी अपने पांच साल के कामकाज और पंजाब में कराए गए विकास कार्यों के आधार पर जनता के बीच जाएगी। आम आदमी पार्टी सकारात्मक राजनीति करेगी और अपने काम का हिसाब देकर वोट मांगेगी।
शिअद-भाजपा दोनों जीरो, गठबंधन से भी नतीजा जीरो : मान
बैठक के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के संभावित गठबंधन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जीरो में जीरो जोड़ो या घटाओ, नतीजा जीरो ही रहता है। शिअद और भाजपा दोनों जीरो हैं। ऐसे में दोनों दल साथ आते हैं तो भी चुनावी नतीजा जीरो ही रहेगा। मान ने तंज कसा कि गठबंधन होने पर क्या नशामुक्त पंजाब के मुद्दे पर भाजपा नेता अमित शाह और अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया एक मंच पर दिखाई देंगे?
उम्मीदवारों के चयन के साथ पार्टी ने चुनावी संगठन को सक्रिय करने की रणनीति भी बनाई है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में छह-छह सेक्टर इंचार्ज नियुक्त करने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। ये इंचार्ज सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और पार्टी के कामकाज पर लोगों से फीडबैक लेकर नेतृत्व तक पहुंचाएंगे। वहीं, एक नवंबर से महिला मतदाताओं तक पहुंच बनाने के लिए मावां-धीयां सत्कार योजना से जुड़ी महिला स्वयंसेविकाओं को सक्रिय किया जाएगा।
