मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में कोर्ट का फैसला आ गया है. मेरठ जिला जज अरविंद कुमार शर्मा की अदालत ने सौरभ राजपूत की हत्या में उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया. मुस्कान और साहिल को वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए जेल से ही पेश किया गया था. फैसले के समय कोर्ट में काफी गहमा-गहमी का माहौल रहा. हालांकि अभी मुस्कान और साहिल की सजा पर फैसला आना बाकी है. कोर्ट की तरफ से बताया गया कि सजा पर फैसला 15 दिन बाद यानी 14 अक्टूबर को आएगा.
इस चर्चित नीला ड्रम मामले की सुनवाई के दौरान 126 तारीखों पर कोर्ट में कार्यवाही हुई. 22 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए. जुलाई 2025 में ट्रायल शुरू होने के बाद करीब 13 महीने तक मामले में बहस चली. हत्याकांड पर फैसले के समय कोर्ट में मौजूद रहे सौरभ राजपूत के बड़े भाई राहुल राजपूत ने कहा कि हमारी शुरू से उम्मीद यही है कि मुस्कान और साहिल को फांसी होनी चाहिए. अब कोर्ट ने दोनों को दोषी करार दिया है.
7 साल पहले सौरभ ने मुस्कान से की थी शादी
बता दें कि यह घटना 3 मार्च 2025 की है. इंद्रानगर निवासी बबलू ने ब्रह्मपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने बताया था कि उनके भाई सौरभ ने वर्ष 2016 में मुस्कान रस्तोगी से प्रेम विवाह किया था, लेकिन 2019 में मुस्कान के संबंध साहिल शुक्ला से हो गए थे. इसके बाद से सौरभ परेशान रहता था. कई बार पत्नी मुस्कान और साहिल से अपनी जान को खतरा होने की बात भी कह चुका था.
5 मार्च 2025 को सौरभ अचानक लापता हो गया. उसका किराए का मकान बंद मिला. मुस्कान भी वहां मौजूद नहीं थी. इसके बाद बबलू ने आशंका जताई कि मुस्कान और साहिल ने मिलकर सौरभ की हत्या कर दी है और पुलिस से मामले की जांच कर भाई की तलाश करने की मांग की थी.
नीले ड्रम में मिला था सौरभ राजपूत का शव
मेरठ पुलिस इस केस की जांच में जुटी रही. 18 मार्च को पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 3 मार्च की रात मुस्कान और साहिल ने मिलकर सौरभ की हत्या की थी. हत्या के बाद दोनों ने शव के टुकड़े किए और उन्हें एक नीले ड्रम में भरकर सीमेंट से पैक कर दिया. इसके बाद 5 मार्च को दोनों शिमला और मनाली घूमने चले गए. पुलिस के मुताबिक, 17 मार्च को मेरठ लौटने के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया. उनकी निशानदेही पर पुलिस ने नीले ड्रम से सौरभ के शव के टुकड़े बरामद किए.
सौरभ की मां ने क्या कहा?
फैसला आने से पहले सौरभ राजपूत की मां ने कहा था कि उनका परिवार पिछले डेढ़ साल से बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहा है. परिवार के लोग न ठीक से खाना खा पा रहे हैं, न ही सो पा रहे हैं. सौरभ हर वक्त उनकी यादों में रहता है. उन्होंने कहा कि अगर मुस्कान सौरभ के साथ नहीं रहना चाहती थी तो वह उससे अलग हो सकती थी, लेकिन उसे मारने की क्या जरूरत थी? सौरभ की मां ने आरोप लगाया कि मुस्कान ने ससुराल में कभी दीया तक नहीं जलाया, जबकि अब जेल में पूजा कर रही है.
फैसले से पहले पूजा-पाठ में लीन थी मुस्कान
बता दें कि फैसला आने से पहले मुस्कान जेल के अंदर पूजा-पाठ में लीन था. उसका ज्यादातर समय पूजा-पाठ में ही बीत रहा था. मेरठ के वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज ने बताया था कि जेल में बंद साहिल और मुस्कान के व्यवहार में बदलाव देखा गया है. साहिल पिछले करीब चार दिनों से शांत और गुमसुम है. किसी से ज्यादा बातचीत नहीं कर रहा है. वहीं, मुस्कान पिछले तीन दिनों से अपना अधिकतर समय पूजा-पाठ में बिता रही है.
