शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय में आयोजित कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में भाग लिया। इस बैठक में देश की चुनावी प्रक्रिया और लोकतंत्र की रक्षा को लेकर कई अहम प्रस्ताव पारित किए गए हैं। उच्च स्तरीय बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित पार्टी के तमाम शीर्ष नेता शामिल हुए।
पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा और पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह भी बैठक में मौजूद रहीं। वहीं बैठक के बाद पार्टी हाईकमान ने कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों, प्रभारियों और शिक्षा मंत्रियों के साथ बैठक कर अपने-अपने राज्यों में शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की फीडबैक ली। बैठक में हिमाचल से मुख्यमंत्री सुक्खू, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी मौजूद रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों व उपलब्धियों का ब्यौरा हाईकमान के समक्ष रखा।
उन्होंने बताया कि हिमाचल में स्कूली शिक्षा के साथ उच्च शिक्षा में कई तरह के बदलाव किए गए हैं। राज्य सरकार ने कुलपति की नियुक्ति के लिए नियमों में बदलाव कर विधानसभा से विधेयक पारित कर मंजूरी के लिए लोकभवन भेजा है। विश्वविद्यालयों में कुलपति के अलावा होने वाली शिक्षक भर्ती राज्य लोक सेवा आयोग व गैर-शिक्षकों की भर्तियां कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से करवाने का निर्णय लिया है, ताकि भर्ती में पूरी पारदर्शिता हो और मैरिट को इग्नोर न किया जा सके। इसके अलावा शिक्षा व्यवस्था में किए गए नीतिगत बदलाव, स्कूलों में सुविधाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार के प्रयासों की जानकारी भी दी गई।
मंत्रिमंडल विस्तार पर भी हुई चर्चा
वहीं सूत्रों के अनुसार बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने हाईकमान के साथ मंत्रिमंडल विस्तार सहित अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की। हालांकि आधिकारिक तौर पर इस संबंध में कोई भी नेता कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। मुख्यमंत्री के साथ विधायक सुंदर ठाकुर भी दिल्ली गए हैं, ऐसे में प्रदेश के सियासी गलियारों में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाओं का दौर गर्म है। देखा जाए तो प्रदेश सरकार में रिक्त पड़े मंत्री के एक पद को लेकर मुख्य रूप से 3 नाम चर्चा में हैं। इनमें सुंदर ठाकुर, आशीष बुटेल और संजय रत्न के नाम शामिल हैं। इसी तरह सरकार मुख्य सचेतक के पद पर भी ताजपोशी कर सकती है।
दलित-आदिवासी स्वाभिमान बैठक में शामिल हुए विनय कुमार
वहीं मंगलवार को नई दिल्ली के संविधान क्लब स्थित मावलंकर हॉल में कांग्रेस एससी/एसटी सांसद फोरम द्वारा दलित-आदिवासी स्वाभिमान बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार, विधायक अनुराधा राणा और जिला किन्नौर कांग्रेस के अध्यक्ष निगम भंडारी सहित अन्य नेताओं ने भी भाग लिया। इस दौरान समाज के अधिकारों, सम्मान और न्याय से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई तथा दलित आदिवासी समाज की आवाज को और मजबूती से उठाने का संकल्प लिया गया।
