देहरादून: पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग को लेकर यूनाइटेड फॉर्म ऑफ बैंक यूनियंस ने बड़ा फैसला लिया है.यूनाइटेड फॉर्म ऑफ बैंक यूनियंस ने 28 से लेकर 30 तारीख तक तीन दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया है. इसको लेकर बैठक करके यूनियन से जुड़े पदाधिकारियों ने अपनी मांगों को पुरजोर तरीके से उठाने का निर्णय लिया है.
अपनी लंबित मांगों के समर्थन में बैंक कर्मचारी और अधिकारी इन तीन दिनों में पूर्णकालिक हड़ताल पर रहेंगे. इस हड़ताल के अंतर्गत उत्तराखंड राज्य में भी विभिन्न बैंकों के कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल में शामिल होंगे. जिससे बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की संभावना है. यूनाइटेड फोरम ऑफ़ बैंक यूनियन देहरादून के संयोजक इंद्र सिंह ने बताया देश और प्रदेश के बैंक कर्मचारी और अधिकारी सालों से बैंकिंग क्षेत्र और आम जनता के हितों में समर्पित भी भाव से सेवाएं दे रहे हैं. इसके बावजूद उनकी जायज़ मांगों का अभी तक निस्तारण नहीं हो पाया है.
उन्होंने कहा सरकार और संबंधित प्राधिकरण की तरफ से उनकी मांगों को लेकर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है , इसलिए मजबूरी में उन्हें हड़ताल पर जाने का फैसला लेना पड़ा है. इंद्र सिंह ने बताया कि देश के कई कार्यालयों, आरबीआई ,बीमा क्षेत्र और वित्तीय संस्थानों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की व्यवस्था लागू है, लेकिन बैंकिंग क्षेत्र में अभी तक इसे लागू नहीं किया गया है.
आईबीए और यूएफबीयू के बीच इस मसले पर सहमति बनने के बावजूद सरकार ने इसे अभी तक लागू नहीं किया है जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा यूएफबीयू सरकार से मांग करता है की पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह को बिना किसी देरी के तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए. इसके अलावा बैंक कर्मचारी और अधिकारियों को दिए जाने वाले परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव के संबंध में विभिन्न संवर्गों के बीच भेदभाव और असमानता को लेकर भी आक्रोश है.
यूनाइटेड फोरम और बैंक यूनियंस ने स्पष्ट मांग की है कि बैंकिंग सेक्टर के सभी संवर्गों के कर्मियों और अधिकारियों को बिना किसी भेदभाव के समान पीएलआई प्रदान किया जाए. यूनियन का कहना है कि इन मांगों को लेकर बैंकों से जुड़ी सभी यूनियनें एकजुट है. यूनियन ने 28 तारीख से एश्ले हॉल चौक स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया के सामने धरना और प्रदर्शन किए जाने का निर्णय लिया है.
