
मेरठ:- दलित छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड के विरोध और उससे जुड़े थप्पड़ कांड के बाद मेरठ के तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। समाजवादी पार्टी के नेता दिग्विजय भाटी ने एसएसपी अविनाश पांडेय और इंस्पेक्टर अखिलेश गौर पर अपने साथ मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। दिग्विजय भाटी का आरोप है कि एसएसपी कार्यालय में बातचीत के दौरान उनके साथ लात-घूंसों और जूतों से मारपीट की गई। उनका यह भी दावा है कि बाद में उन्हें एसओजी कार्यालय ले जाया गया, जहां हाथ-पैर बांधकर डंडों से पीटा गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
SSP से मिलने पहुंचे थे दिग्विजय भाटी
दिग्विजय भाटी के मुताबिक, वह ललिता गौतम हत्याकांड से जुड़े विरोध-प्रदर्शन और उसके बाद की कार्रवाई के संबंध में एसएसपी से मिलने गए थे। उनका कहना है कि इस मामले में विरोध करने के कारण उन्हें पहले जेल भी भेजा गया था। भाटी ने आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान एसएसपी की ओर से उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई और गाली-गलौज की गई। विरोध करने पर कथित तौर पर एसएसपी के चैंबर में उनके साथ मारपीट की गई।
SOG कार्यालय ले जाकर पिटाई का आरोप
सपा नेता का दावा है कि चैंबर की घटना के बाद उन्हें एसओजी कार्यालय ले जाया गया। वहां उनके हाथ-पैर बांधकर डंडों से मारपीट की गई। दिग्विजय भाटी ने इसे पुलिस की ज्यादती बताते हुए मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया का उल्लेख उपलब्ध जानकारी में नहीं है और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है।
थप्पड़ कांड के बाद फिर चर्चा में आया मामला
मेरठ के तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय इससे पहले ललिता गौतम मामले से जुड़े थप्पड़ कांड को लेकर भी सुर्खियों में रहे थे। आठ जुलाई को कलक्ट्रेट गेट पर ललिता गौतम के परिजन और दलित समाज के लोग आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस कार्रवाई के बीच एसएसपी के बंदी वाहन में प्रदर्शनकारी रवि गौतम को थप्पड़ मारने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था। वीडियो प्रसारित होने के बाद इस घटना को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर काफी चर्चा हुई थी।
अखिलेश यादव ने की जांच की मांग
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दिग्विजय भाटी से जुड़े मामले को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने किसानों और किसान नेताओं के साथ कथित पुलिस ज्यादती का मुद्दा उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। अखिलेश यादव ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और बर्खास्तगी की मांग करते हुए सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को गंभीर और निंदनीय बताया।
ललिता गौतम हत्याकांड के विरोध से जुड़ा है मामला
रोहटा क्षेत्र में दलित छात्रा ललिता गौतम का शव मिलने के बाद परिजनों और दलित समाज के लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आंदोलन किया था। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति भी बनी थी। थप्पड़ कांड के बाद अब दिग्विजय भाटी द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोपों ने इस मामले को एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। इस बीच मेरठ के एसएसपी रहे अविनाश पांडेय का तबादला कर उन्हें डीजीपी कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। वहीं झांसी के एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति को मेरठ का नया पुलिस कप्तान बनाया गया है। अविनाश पांडेय के तबादले के बाद थप्पड़ कांड और सपा नेता दिग्विजय भाटी के आरोपों को लेकर चर्चाएं फिर तेज हो गई हैं।
