
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल इन दिनों अवकाश पर हैं और 26 अगस्त तक छुट्टी पर रहेंगी। राज्यपाल बनने के बाद यह पहली बार है, जब उन्होंने इतने लंबे समय के लिए अवकाश लिया है। उनके छुट्टी पर जाने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं, हालांकि राजभवन ने राज्यपाल पद में किसी बदलाव की अटकलों को खारिज कर दिया है। राजभवन के प्रवक्ता के अनुसार, आनंदीबेन पटेल अपने अवकाश के दौरान गृह राज्य गुजरात गई हैं। छुट्टी पर जाने से पहले उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अनुमति ली थी। अपने दौरे के दौरान वह सिलवासा और दमन-दीव भी जाएंगी।
नए राज्यपाल की अटकलों पर राजभवन का जवाब
राज्यपाल के अचानक लंबे अवकाश पर जाने के बाद यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या उत्तर प्रदेश को जल्द नया राज्यपाल मिल सकता है। हालांकि, राजभवन ने इन अटकलों को पूरी तरह निराधार बताया है। राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव सुधीर बोवड़े ने स्पष्ट किया है कि आनंदीबेन पटेल के इस्तीफे या राज्यपाल पद में किसी बदलाव जैसी कोई बात नहीं है। उन्होंने बताया कि राज्यपाल फिलहाल सिलवासा और दमन-दीव के दौरे पर हैं। इस दौरान वहां के उप राज्यपाल से उनकी मुलाकात भी प्रस्तावित है।
2019 से संभाल रही हैं उत्तर प्रदेश के राज्यपाल की जिम्मेदारी
आनंदीबेन पटेल को वर्ष 2019 में उत्तर प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। इसके बाद से वह लगातार प्रदेश में अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं। इस दौरान उन्हें मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया था। राजभवन के अनुसार, राज्यपाल के अवकाश के दौरान जरूरी प्रशासनिक और संवैधानिक कार्य तय प्रक्रिया के तहत निपटाए जाएंगे। 26 अगस्त को छुट्टी समाप्त होने के बाद आनंदीबेन पटेल के लखनऊ लौटने की बात कही गई है। फिलहाल राजभवन ने साफ किया है कि यह केवल एक सामान्य अवकाश है और इसे राज्यपाल पद में बदलाव या किसी अन्य राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर देखना उचित नहीं है।
