शिमला: प्रदेश के निर्माण और विकास की नींव मजबूत करने वाले श्रमिक परिवारों के लिए सरकार ने आर्थिक सहारे का बड़ा कदम उठाया है. रामपुर विधानसभा क्षेत्र के नोगली में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के माध्यम से 1471 पंजीकृत श्रमिकों एवं उनके आश्रितों को कुल 5 करोड़ 78 लाख 81 हजार 725 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की. इस सहायता ने किसी परिवार के बच्चे की पढ़ाई का रास्ता आसान किया तो किसी बेटी की शादी का खर्च संभाला. वहीं, विधवा, एकल, निराश्रित और दिव्यांग महिलाओं को घर बनाने के लिए भी आर्थिक मदद उपलब्ध करवाई गई.
सरकार की ओर से जारी इस सहायता में सबसे बड़ा हिस्सा श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा और विवाह पर खर्च किया गया है. शिक्षा सहायता योजना के तहत 968 लाभार्थियों को 2 करोड़ 74 लाख 4 हजार 500 रुपये, जबकि विवाह सहायता योजना के तहत 359 लाभार्थियों को 1 करोड़ 83 लाख 9 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। यानी बड़ी संख्या में श्रमिक परिवारों के सामने आने वाले दो महत्वपूर्ण खर्चों बच्चों की पढ़ाई और विवाह में सरकार ने सीधे आर्थिक सहयोग दिया है.
विधवा और दिव्यांग महिलाओं को घर बनाने के लिए भी मदद
मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत विधवा, एकल, निराश्रित एवं दिव्यांग महिलाओं को घर के निर्माण के लिए 45.95 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई. सरकार का कहना है कि इस सहायता का उद्देश्य जरूरतमंद महिलाओं को सुरक्षित आवास उपलब्ध करवाने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सहयोग देना है. इसके अलावा दुर्घटना मृत्यु एवं अंतिम संस्कार सहायता के 21 मामलों में 54.20 लाख रुपये, मातृत्व एवं पितृत्व लाभ के 30 मामलों में 7.14 लाख रुपये तथा बालिका जन्म उपहार योजना के तहत 15 बालिकाओं के परिवारों को 7.65 लाख रुपये की सहायता दी गई. मानसिक दिव्यांग आश्रितों के लिए 10 लाभार्थियों को 2.15 लाख रुपये और दिव्यांग पेंशन के तहत एक लाभार्थी को 25 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई.
कांगड़ा में सबसे अधिक 1.02 करोड़ की सहायता
प्रदेश के विभिन्न जिलों और बोर्ड के उप-कार्यालयों के माध्यम से भी पात्र लाभार्थियों को सहायता प्रदान की गई. जिला एवं क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो कांगड़ा में 270 लाभार्थियों को 1 करोड़ 2 लाख 7 हजार 200 रुपये की सहायता मिली. वहीं हमीरपुर में 225 लाभार्थियों को 76 लाख 74 हजार 400 रुपये, मंडी क्षेत्र में 171 लाभार्थियों को 64 लाख 80 हजार 883 रुपये और चंबा में 164 लाभार्थियों को 70 लाख 54 हजार 800 रुपये की सहायता प्रदान की गई. इसी तरह सिरमौर में 140 लाभार्थियों को 51 लाख 80 हजार 600 रुपये, किन्नौर में 126 लाभार्थियों को 48 लाख 39 हजार 388 रुपये, शिमला क्षेत्र में 88 लाभार्थियों को 45 लाख 58 हजार 253 रुपये, बिलासपुर में 104 लाभार्थियों को 32 लाख 98 हजार 800 रुपये, ऊना में 72 लाभार्थियों को 33 लाख 93 हजार 400 रुपये, सोलन क्षेत्र में 63 लाभार्थियों को 30 लाख 51 हजार रुपये तथा कुल्लू में 48 लाभार्थियों को 21 लाख 43 हजार 1 रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई गई.
डिजिटल हुई प्रक्रिया, सीधे और पारदर्शी तरीके से मिल रहा लाभ
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने श्रमिक कल्याण योजनाओं की प्रक्रिया को डिजिटल और सरल बनाया है. इसका उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ सीधे, शीघ्र और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध करवाना है. उन्होंने कहा कि सरकार समाज के जरूरतमंद
और वंचित वर्गों को प्रभावी सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने तथा श्रमिक परिवारों को सम्मानजनक जीवन के लिए आवश्यक आर्थिक संबल उपलब्ध करवाने के लिए कार्य कर रही है.
