देहरादून। उत्तराखंड में तमाम चुनौतियों के बीच खेती को लेकर कुछ सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। परती भूमि का दायरा कम होने के साथ ही खेती बढ़ी है। ताजा आंकड़ों पर गौर करें तो सात जिलों में परती भूमि 15,286 हेक्टेयर घटी है, जो इस बात का संकेत है कि किसानों ने पहले की अपेक्षा अधिक भूमि पर दोबारा खेती की है।
यद्यपि, छह जिले ऐसे भी हैं, जिनमें परती भूमि का दायरा 7,389 हेक्टेयर बढ़ा है। परती भूमि में आई कमी को सरकार की ओर से मिलेट नीति, संगंध पादप, चाय की खेती की दिशा में उठाए गए कदमों से जोड़कर देखा जा रहा है। यही नहीं, काफी संख्या में गांव लौटे प्रवासियों ने भी खेती-किसानी में हाथ आजमाए हैं।
प्रवासियों ने भी खेती-किसानी में हाथ आजमाए
राज्य में छोटी और बिखरी जोत, सिंचाई सुविधाओं का अभाव, मौसम की मार, वन्यजीवों से फसल क्षति, गांवों से पलायन का सीधा असर खेती पर पड़ा है। नतीजा, बढ़ती परती भूमि के रूप में सामने आया है। परती यानी, ऐसी कृषि भूमि, जिस पर लोग पहले खेती करते थे और बाद में खेती करना छोड़ दिया। प्रत्येक तीसरे साल में ऐसी भूमि का आकलन किया जाता है। इस हिसाब से देखें तो राज्य में वर्ष 2022-23 में परती भूमि 2,15,982 हेक्टेयर थी, जो वर्ष 2024-25 के अब जारी आंकड़ों के अनुसार 2,08,085 हेक्टेयर पर आ गई है।
ओवरआल परती भूमि में 7,897 हेक्टेयर कमी दर्ज की गई है। यद्यपि, जिलेवार देखें तो सात जिलों में घटी परती भूमि से शेष छह जिलों में बढ़ी भूमि के आंकड़ों को घटाने पर यही संख्या आएगी। परती भूमि कम होने का आंकड़ा ऐसे समय में आया है, जब सरकार खेती-औद्यानिकी को ग्रामीण आजीविका का मजबूत आधार बनाने पर जोर दे रही है।
‘मिलेट नीति के तहत मंडुवा समेत अन्य मोटे अनाजों का क्षेत्रफल बढ़ा है तो सगंध व चाय की खेती और औद्यानिकी के लिए भी परती भूमि उपयोग में लाई गई है। परती भूमि में कमी का सीधा अर्थ यही है कि किसान खेती की ओर उन्मुख हुए हैं। आने वाले वर्षों में यह रुझान और मजबूत होगा।’ -दिनेश कुमार, कृषि निदेशक, उत्तराखंड
जिलेवार परती भूमि (हेक्टेयर में)
जिला, वर्ष 2024-25, वर्ष 2022-23
यहां घटी
- पौड़ी, 55320, 61122
- देहरादून, 22884, 23947
- टिहरी, 22701, 25183
- अल्मोड़ा, 26447, 26854
- चंपावत, 14869, 16965
- पिथौरागढ़, 14703, 15187
- हरिद्वार, 9672, 12624
यहां बढ़ी
- चमोली, 5376, 3880
- रुद्रप्रयाग, 2558, 1806
- उत्तरकाशी, 4600, 4350
- बागेश्वर, 5024, 4402
- नैनीताल, 10700, 10175
- ऊधम सिंह नगर, 13231, 9487
