चंडीगढ़। हरियाणा में आवासीय, वाणिज्यिक और संस्थागत क्षेत्र के विकास के लिए अतिरिक्त जमीन का इंतजाम करने में लगी प्रदेश सरकार ने योजना को तेजी से सिरे चढ़ाना शुरू कर दिया है। पहले चरण में 71 शहरों में एक लाख 67 हजार एकड़ में जमीन खरीदने के लिए किसानों से आवेदन मांग चुकी सरकार ने अब दूसरे चरण में 13 शहरों में नए सेक्टर बसाने के लिए 33 हजार एकड़ जमीन खरीद का काम शुरू कर दिया है।
विकास परियोजनाओं के लिए जमीन देने के इच्छुक किसान और भूमि मालिक ई-भूमि पोर्टल पर 31 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण http://ebhoomi.jamabandi.nic.in पर मिले आवेदनों के माध्यम से यह जमीन खरीदेगा। गुरुग्राम जिले के फर्रुखनगर, पंचकूला के रायपुररानी, कैथल, नूंह, हिसार, बरवाला, टोहाना, डबवाली, सोनीपत, आरोग्य धाम बाढ़सा, बेरी, महम और मतलौडा में यह जमीन खरीदी जाएगी।
फर्रुखनगर में नई विकास परियोजनाओं के लिए मुबारिकपुर, फर्रुखनगर और सुल्तानपुर में 1203.52 एकड़, रायपुररानी में रायपुररानी, छोटा बडौना और बडौना खुर्द में 437.10, कैथल में पट्टी चौधरी, पट्टी अफगान, पट्टी कायस्थ सेठ, पती गादड, जगदीशपुरा, शेरगढ़ और डयौड खेड़ी में 3961.01 एकड़ जमीन खरीदने का लक्ष्य है।
नूंह जिले में नूंह, जाखोपुर, खेरला और नल्हड़, डूंडाहेरी, फिरोजपुर नमक और सालाहेरी में 1197.61 एकड़, हिसार के बीड़ हिसार में 789.91 एकड़, बरवाला में 672.06, और डबवाली व नई डबवाली में 380.00 एकड़ तथा फतेहाबाद के टोहाना में 1968.90 एकड़ जमीन खरीदी जाएगी।
सोनीपत के गढ़ शहजानपुर, रायपुर, फाजिलपुर, जवाहरी, सोनीपत पट्टी मुस्लमान, रेवली, देवडू, मुरथल, बैयांपुर, वंदेपुर, हरसाना कलां, लहराड़ा, राठधाना, शादीपुर, अहमदपुर, सुल्तानपुर, जोशी जाट, लिवान, अकबरपुर बारोटा, जठेड़ी, प्रीतमपुरा, नांगल कलां, अटेरना, रसोई, बढ़ खालसा, पतला, जाखौली, अस्सावरपुर, खेवड़ा, खटकड़, सेरसा, सेवली, बहालगढ़, जौशी चौहान, दियालपुर, हसामाबाद, किशोरा, मुरशदपुर, कमासपुर, नांगल खुर्द, हसनपुर, सोनीपत पट्टी जाटान और जांटी कलां में 18102.11 एकड़ जमीन खरीदने की योजना है।
आरोग्य धाम बाढ़सा में बाढ़सा, मुंडा खेड़ा और देवर खाना में 2046.82 एकड़, बेरी में बेरीदीपाना और वजीरपुर में 669.42, महम में महम, भैणी महाराजपुर और खेड़ी महम में 1246.52 एकड़, मतलौडा में मतलौडा, महायुदिनापुर, थिराना और भालसी में 344.37 एकड़ जमीन खरीदी जाएगी। किसानों को जमीन बेचने के लिए पोर्टल करीब दो महीने खुला रहेगा।
सरकार से मोलभाव कर सकेगा किसान
भूमि विवाद खत्म करने के लिए सरकार ने पालिसी में बदलाव किया है, जिसके तहत जमीन का अधिग्रहण नहीं किया जाएगा। अब जमीन किसानों की मर्जी से उनकी मुंहमांगी कीमत पर खरीदी जाएगी। प्रदेश सरकार को जमीन और भू-स्वामी द्वारा पेशकश किए गए रेट पसंद आएंगे तो इसे खरीद लिया जाएगा। विभिन्न मामलों में जमीन का मोलभाव करना भी संभव हो सकेगा।
प्रदेश सरकार की योजना है कि हरियाणा को उत्तर भारत के औद्योगिक विनिर्माण आधार, लाजिस्टिक्स हब और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए सेटेलाइट शहरीकरण क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाए, जिसके लिए काफी जमीन की जरूरत है।
