देहरादून में सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से एचडीएफसी बैंक की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) योजना के अंतर्गत उपलब्ध कराई गई चार अत्याधुनिक एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहल को राज्य के दूरस्थ और पर्वतीय इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि निजी संस्थाओं द्वारा सामाजिक सरोकारों के तहत किया जा रहा सहयोग समाज के प्रति जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है। सरकार और निजी क्षेत्र के संयुक्त प्रयासों से स्वास्थ्य सेवाओं में और अधिक सुधार संभव हो सकेगा।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय और दुर्गम इलाकों में समय पर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना एक बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में आधुनिक सुविधाओं से लैस ये एम्बुलेंस जरूरतमंद मरीजों तक तेजी से चिकित्सा सहायता पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में यह सेवा लोगों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी।
मुख्यमंत्री ने एचडीएफसी बैंक की इस जनहितकारी पहल की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में आयोजित होने वाले बड़े धार्मिक कार्यक्रमों, आपदाओं और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में ऐसी एम्बुलेंस सेवाएं काफी उपयोगी साबित होंगी। उन्होंने भविष्य में हरिद्वार कुंभ सहित अन्य पर्वतीय जिलों के लिए भी CSR के माध्यम से अतिरिक्त एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की उम्मीद जताई।
बैंक अधिकारियों के अनुसार इन सभी एम्बुलेंस में आधुनिक चिकित्सा उपकरण और आपातकालीन सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे मरीजों को समय रहते बेहतर उपचार मिल सकेगा। साथ ही अगले तीन वर्षों तक प्रत्येक एम्बुलेंस में डॉक्टर, नर्स, अटेंडेंट और चालक की व्यवस्था भी बैंक द्वारा सुनिश्चित की जाएगी।
प्रारंभिक चरण में इन एम्बुलेंस सेवाओं को चमोली, चंपावत, पिथौरागढ़ और रुद्रप्रयाग जिलों में संचालित किया जाएगा। भविष्य में इन्हें राज्य के प्रमुख धार्मिक आयोजनों और आपदा प्रबंधन कार्यों में भी उपयोग में लाया जाएगा।
इस अवसर पर विधायक राजकुमार पोरी, विनोद कंडारी, अपर सचिव मनमोहन मैनाली सहित एचडीएफसी बैंक के वरिष्ठ अधिकारी मुस्कान सिंह, संजीव कौशिक, बकुल सिक्का, गौरव जैन और आयुष सिंघल उपस्थित रहे।
