यूपी में बीते रविवार शपथ लेने वाले यूपी के छह नए सहित कुल आठ मंत्रियों का इंतजार खत्म नहीं हो पा रहा। विभाग बंटवारे की उन्हें प्रतीक्षा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गुरुवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात के बाद विभागों के जल्द बंटवारे को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। लेकिन सूत्रों का कहना है कि अभी यह इंतजार थोड़ा बढ़ सकता है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि कुछ मंत्रियों से विभाग लिए जाने को लेकर पेंच फंसा हुआ है।
योगी मंत्रिमंडल का विस्तार लंबे इंतजार के बाद बीती 10 मई को हुआ था। भूपेंद्र चौधरी और मनोज पांडेय ने कैबिनेट, सुरेंद्र दिलेर, कृष्णा पासवान, हंसराज विश्वकर्मा और कैलाश राजपूत को राज्यमंत्री की शपथ दिलाई गई। दो राज्य मंत्रियों सोमेंद्र तोमर व अजीत सिंह पाल को पदोन्नत कर स्वतंत्र प्रभार बनाया गया। तब सोमवार तक विभागों के बंटवारे की संभावना जताई जा रही थी। लेकिन ऐसा नहीं हो सका, फिर 12 मई को मुख्यमंत्री असम की नई सरकार के शपथ ग्रहण में शामिल होने गुवाहाटी चले गए।
मुख्यमंत्री गुरुवार और शुक्रवार को पूर्व मंत्री डॉक्टर महेंद्र सिंह, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद सहित एक अन्य ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की थी। इधर, मुख्यमंत्री भी दो दिन से गोरखपुर में थे।
कई मंत्रियों के विभागों को लेकर गतिरोध
खबर है कि कुछ मंत्रियों का वजन कम किए जाने और कुछ का विभाग बदले जाने को लेकर गतिरोध है। चर्चा तो यह भी है कि विभागों के लिए इंतजार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश यात्रा से लौटने तक भी बढ़ सकता है। हालांकि, इसे लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
विभागों के बंटवारे में देरी पर अखिलेश ने कसा तंज
इससे पहले अखिलेश यादव ने विभागों के बंटवारें में देरी को लेकर तंज कसा था। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘उप्र में मंत्रियों के नाम के बाद, अब क्या उनके विभागों की ‘पर्ची’ भी ऊपर से आएगी?’ मंत्रालयों के बंटवारे की देरी की असली वजह सिर्फ़ ये है कि मंत्रालय-विभाग की ‘कमीशन-कमाई’ के बंटवारे के डबल इंजन आपस में टकरा रहे हैं। दीर्घ प्रतीक्षा के बाद जो नये मंत्री बने हैं वो बेचारे तो बस दर्शक दीर्घा में बैठकर, गेंद को इधर-उधर आते-जाते देख रहे हैं। भाजपाई डबल इंजन बाक़ी सब मंत्रियों को डब्बा कर देता है।’
अखिलेश ने अपने पोस्ट में आगे लिखा, ‘जनता ने ठाना है कि नये मंत्रियों को जो भी मंत्रालय-विभाग मिलेगा, उस पर पूरी तरह से निगाह-निगरानी रखी जाएगी, जिससे ये नये-नवेले मंत्रीगण अपने ख़जाने न भर सकें। इस बात के लिए काग़ज़ी प्रमाण के साथ-साथ और भी ऑडियो-वीडियो सबूत इकट्ठे किये जाएंगे और इन भाजपाइयों की कलई खोली जाएगी। अब जनता ही भाजपाई लोगों को अपने टैक्स के पैसों की लूट करने से रोकेगी क्योंकि भ्रष्टाचार रोकने के बाक़ी सारे विभाग तो भ्रष्ट भाजपा ने बर्बाद कर ही दिये हैं। जनता को लगता है अब सोशल मीडिया और सिटिज़न जर्नलिज्म के माध्यम से ही उनको न्याय मिल सकता है। भाजपा सरकार जानती है कि ये आख़िरी बार है जब वो सत्ता में है, इसीलिए ये भाजपाई दसों हाथों से पैसा बटोरना चाहते हैं। जागरूक जनता अब इन भाजपाइयों को उनके गंदे मंसूबों में कामयाब नहीं होने देगी।’
