चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने राज्य में बढ़ते राजस्व विवादों को खत्म करने के साथ ही विभागीय भ्रष्टाचार में कमी लाने तथा जनता को साफ-सुथरी व पारदर्शी त्वरित सेवाएं प्रदान करने के लिए 12 सूत्रीय कार्ययोजना तैयार की है।
विकास परियोजनाओं को पूरा करने में जमीन की महंगी कीमतें और जमीन की कमी बहुत बड़ी समस्या है। प्रदेश सरकार ने 12 सूत्रीय कार्ययोजना की पहली कड़ी के रूप में विकास परियोजनाओं के लिए जमीन की कमी को दूर करने का बड़ा निर्णय लिया है।
इसके अंतर्गत एक हजार करोड़ रुपये के प्रारंभिक बजट आवंटन से समर्पित भूमि बैंक की स्थापना होगी। यह भूमि बैंक ठीक उसी तरह से काम करेगा, जिस तरह से बैंक खातों में धन के आगमन और निकासी की व्यवस्था है।
किसानों से बाजार भाव पर जमीन खरीदने की व्यवस्था
प्रदेश सरकार समर्पित लैंड बैंक से अपनी जरूरत की जमीन का इस्तेमाल करती रहेगी और नई जमीन किसानों से उनके बाजार भाव पर खरीदती रहेगी। राज्य सरकार ने चूंकि जमीन अधिगृहण की प्रक्रिया पर रोक लगा रखी है, इसलिए किसानों से बाजार भाव पर जमीन खरीदने की व्यवस्था की गई है।
हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल के कई प्रस्तावों पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मुहर लगाते हुए उन्हें साल 2026-27 के बजट में शामिल किया है। 12 सूत्रीय कार्ययोजना के अंतर्गत राज्य सरकार ने स्वामित्व योजना के तहत सभी गांवों के पूरे और स्पष्ट भूमि रिकार्ड तैयार कर ग्रामीणों को उपलब्ध कराने का अहम निर्णय लिया है।
तेजी से बदलती तकनीक में राजस्व अधिकारियों व कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए कुरुक्षेत्र में राज्य स्तरीय राजस्व प्रशिक्षण संस्थान बनाने पर सहमति बनाई जा चुकी है। राजस्व न्यायालयों में मामलों के निपटान एवं उनकी निगरानी की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए राज्य सरकार ने आइटी सक्षम, कागज रहित राजस्व न्यायालय केस प्रबंधन प्रणाली लागू करने का फैसला किया है।
राज्य स्तरीय अत्याधुनिक डेटा सेंटर की स्थापना
इंतकाल मंजूर करने की प्रक्रिया को भी पूरी तरह से स्वचालित बनाने की सरकार की योजना है। प्रदेश सरकार करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से एक राज्य स्तरीय अत्याधुनिक डेटा सेंटर की स्थापना करेगी।
हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल के अनुसार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक नई स्वचालित स्टांप शेयर स्थानांतरण प्रणाली से शहरी निकायों व पंचायतों को उनका दो प्रतिशत स्टांप शुल्क सीधे उनके खातों में देने की व्यवस्था को मंजूर क दिया है।
सभी शहरी क्षेत्रों के कैडस्ट्राल नक्शों (भूमि मानचित्र) को अपडेट किया जाए। प्रदेश सरकार ने राज्य की आपदा तैयारी को नई मजबूती देने के लिए हरियाणा राज्य आपदा मोचन बल के गठन की योजना बनाई है। इसमें 1149 कर्मचारी शामिल होंगे। राज्य के अग्निवीरों को इस बल में शामिल करने में प्राथमिकता दी जाएगी।
हरियाणा में 10 नये फायर स्टेशन स्थापित होंगे
अग्नि सुरक्षा को अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र जारी करने व उनके नवीनीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाने की योजना है। जिला गुरुग्राम में दो और फरीदाबाद, पंचकूला, अंबाला, सोनीपत, पानीपत, रेवाड़ी, पलवल तथा नूंह में एक-एक नया फायर स्टेशन स्थापित किया जाएगा।
राज्य सरकार ने साल 2027-28 के अंत तक फरीदाबाद व पलवल को बाढ़ मुक्त जिले बनाने के लिए तकनीक आधारित योजना लागू करने का निर्णय लिया है। संपत्तियों के लेनदेन में पारदर्शिता और कानूनी सुरक्षा बढ़ाने के लिए एग्रीमेंट टू सेल का पंजीकरण अनिवार्य किया जाएगा, ताकि धोखाधड़ी व अनावश्यक मुकदमेबाजी से बचा जा सके।
बजट भी बढ़ा और राजस्व भी बढ़ेगा
हमारी सरकार ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सेवाओं को सरल, पारदर्शी व दोषमुक्त करने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई है। साल 2026-27 में 19 हजार 500 करोड़ रुपये के राजस्व अर्जन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में करीब 18 प्रतिशत अधिक है।
पिछले साल राजस्व अर्जन 16 हजार 555 करोड़ रुपये रहा है। इस बार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विभाग के बजट में काफी बढ़ोतरी की है। पहले 2180 करोड़ रुपये के बजट के विपरीत साल 2026-27 में 4025 करोड़ रुपये का बजट खर्च होगा।
– विपुल गोयल, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री, हरियाणा
