अरविंद केजरीवाल ने गुजरात सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, किसानों, व्यापारियों और महिलाओं जैसे प्रमुख क्षेत्रों के लिए पर्याप्त प्रावधान नहीं किए गए हैं। अहमदाबाद में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा, गुजरात बजट कुछ दिन पहले पेश किया गया था और लोगों को इससे काफी उम्मीदें थीं। आम आदमी का बजट ज्यादातर सरकारी आवंटन पर निर्भर करता है, जिसमें घरेलू खर्च और बच्चों की शिक्षा शामिल होती है। लेकिन, इस वर्ष के बजट में आम नागरिकों के लिए कुछ भी नहीं है। शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, किसानों, व्यापारियों या महिलाओं को भी निराशा हुई है।
केजरीवाल ने कहा, चुनाव नजदीक आने पर सरकारें लोगों को कुछ राहत या लाभ देने के प्रयास करती हैं, लेकिन गुजरात सरकार इसकी कोई परवाह नहीं करती दिख रही। प्रेस वार्ता में मौजूद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी गुजरात बजट की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि यह आम लोगों को कोई राहत नहीं देता और मुख्य रूप से बड़े व्यापारियों को लाभ पहुंचाता है।विज्ञापन
गौरतलब है कि बुधवार को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 2026-27 के लिए राज्य का बजट पेश किया। इसमें सामाजिक कल्याण, बुनियादी ढांचा विकास, आर्थिक विकास और हरित पहलों पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने बजट को विश्वास-आधारित शासन और मानव-केंद्रित आर्थिक ढांचे का प्रतिबिंब बताया, जिसका उद्देश्य समाज के सभी वर्गों, विशेष रूप से गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं को सशक्त बनाना है।
वित्त मंत्री कनुभाई देसाई के मुताबिक लगभग एक करोड़ रुपये के इस बजट में पिछले वर्ष की तुलना में 10.2 प्रतिशत की वृद्धि है। उन्होंने कहा कि कुल व्यय का 65 प्रतिशत हिस्सा विकास कार्यों के लिए निर्धारित किया गया है, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सिंचाई, शहरी विकास और सामाजिक कल्याण पर विशेष ध्यान दिया गया है।
