अमृतसर। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की पंजाब को अशांत करने की हर साजिश को नाकाम करने में पुलिस और बीएसएफ सफल हो रही है। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एंटी ड्रोन सिस्टम को तैनात करने और पुलिस व बीएसएफ में बेहतर तालमेल के कारण ऐसा संभव हो पा रहा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो इस सिस्टम की मदद से सीमा पार से होने वाली लगभग हर ड्रोन की घुसपैठ को विफल बनाना संभव हो पा रहा है।

वर्ष 2023 में पंजाब भर में 107 ड्रोन पकड़े गए, जबकि वर्ष 2024 में एंटी ड्रोन सिस्टम लगाए जाने के बाद 294 ड्रोन पकड़ने में सफलता मिली। इसी तरह 2025 में 272 ड्रोन बरामद किए गए। केवल ड्रोन ही नहीं, बल्कि सीमा पार से ड्रोन से भेजी जा रही हथियारों व नशे की बड़ी खेप को भी बरामद करने में सफलता मिल रही है।

सीमा पार से जितने भी ड्रोन पुलिस और बीएसएफ ने बरामद किए हैं, उनमें से अधिकतर पाकिस्तान से लगती अमृतसर और तरनतारन जिले की सीमा से बरामद हुए हैं। इसी कारण इन दोनों जिलों को अति संवेदनशील माना जा रहा है। वर्ष 2024 में जो 294 ड्रोन पकड़े गए, उनमें से 184 ड्रोन केवल अमृतसर के सीमावर्ती क्षेत्रों से पकड़े गए।

इसी तरह वर्ष 2025 में 172 ड्रोन अमृतसर सेक्टर से बरामद हुए। खास बात यह है कि सीमा पर एंटी ड्रोन सिस्टम से ड्रोन की घुसपैठ को रोकने में सफलता तो मिल रही है, लेकिन आईएसआई इसके बावजूद लगातार पंजाब को अशांत करने के लिए ड्रोन से हथियारों और नशे की खेप भेजने से बाज नहीं आ रही। आईएसआई उन्नत तकनीक के ड्रोन से भी हथियारों और नशे की खेप भेजने के प्रयास कर रही है।

इनमें जीपीएस प्रणाली से लैस ड्रोन भी शामिल हैं। आईएसआई की ओर से ड्रोन की मदद से भेजे गए हथियारों की बात करें तो इनमें एके 47, आरडीएक्स, आईईडी, हैंड ग्रेनेड, राकेट प्रोपेल्ड गन (आरपीजी), अत्याधुनिक पिस्तौलें, कारतूस, मैगजीन, संचार उपकरण के अलावा भारी मात्रा में हेरोइन, सिंथेटिक ड्रग और अफीम शामिल हैं।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ड्रोन से तस्करी का यह नेटवर्क पाकिस्तान स्थित ड्रग सिंडिकेट, आतंकी मॉड्यूल और भारत में सक्रिय स्थानीय तस्करों के गठजोड़ से संचालित हो रहा है। ड्रोन के माध्यम से न केवल मादक पदार्थ बल्कि हथियारों की आपूर्ति कर अस्थिरता फैलाने का षड्यंत्र रचा जा रहा है।

बीएसएफ ने सीमा पर एंटी ड्रोन प्रणाली मजबूत की

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बीएसएफ ने सीमा पर एंटी ड्रोन प्रणाली, ग्राउंड सेंसर, रडार, थर्मल कैमरा और नाइट निगरानी को और मजबूत किया है। सीमावर्ती इलाकों में पुलिस की ओर से बनाई गई ग्रामीण सुरक्षा समितियों की सक्रियता से भी सफलता मिली है।

अमृतसर सेक्टर में शुरू हुआ था एंटी ड्रोन सिस्टम

अमृतसर सेक्टर से अत्याधुनिक एंटी ड्रोन सिस्टम लगाने की शुरुआत की गई थी। इसके बाद से सीमा पार से आए ड्रोन को पकड़ने की घटनाएं बढ़ीं। यह प्रणाली रडार, रेडियो फ्रीक्वेंसी सेंसर, इलेक्ट्रो आप्टिकल कैमरा और जैमर तकनीक से लैस है, जो सीमा पार से आने वाले ड्रोन की समय रहते पहचान कर उन्हें निष्क्रिय करने में सक्षम है।

सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार यह सिस्टम संदिग्ध उड़ान की लोकेशन, ऊंचाई और दिशा का सटीक पता लगाकर कंट्रोल लिंक को जाम कर देता है, जिससे ड्रोन लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाता।

2025 में बरामद किए गए हथियार और ड्रग्स

जनवरी : 28 किलो हेरोइन, दो किलो आइस ड्रग, 12 पिस्टल, 210 कारतूस और जीपीएस व सिम डिवाइस।
फरवरी : 24 किलो हेरोइन, तीन किलो अफीम, नौ पिस्टल व 180 कारतूस पकड़े।
मार्च : 31 किलो हेरोइन, 4 किलो सिंथेटिक नशा, 14 पिस्टल, 260 कारतूस व दो किलो आरडीएक्स बरामद।
अप्रैल : 26 किलो हेरोइन, 1.5 किलो आइस, 11 पिस्टल व जाली करेंसी पकड़ी गई।
मई : 33 किलो हेरोइन, दो किलो अफीम, 16 पिस्टल, 290 कारतूस व विस्फोटक सामग्री।
जून : 29 किलो हेरोइन, तीन किलो सिंथेटिक ड्रग, दस पिस्टल और मोबाइल बरामद।
जुलाई : 35 किलो हेरोइन, दो किलो आइस, 18 पिस्टल, 320 कारतूस व 2.5 किलो आरडीएक्स ड्रोन के जरिये गिराया गया।
अगस्त : 30 किलो हेरोइन, 2.5 किलो अफीम, 13 पिस्टल व 240 कारतूस बरामद।
सितंबर : 27 किलो हेरोइन, तीन किलो सिंथेटिक नशा व विस्फोटक सामग्री पकड़ी।
अक्टूबर : 34 किलो हेरोइन, 17 पिस्टल, 305 कारतूस व 1.8 किलो आरडीएक्स बरामद।
नवंबर : 32 किलो हेरोइन, 2 किलो अफीम, 15 पिस्टल और दिसंबर में 29 किलो हेरोइन, दो किलो सिंथेटिक नशा के साथ ड्रोन पार्ट्स पकड़े।