- हरियाणा बिजली निगमों पर ₹27,915 करोड़ का संचित घाटा
- AAP ने पंजाब के लाभप्रद बिजली मॉडल का दिया उदाहरण
- अनुराग ढांडा ने हरियाणा सरकार से घाटे पर जवाब मांगा
चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने हरियाणा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा की भाजपा सरकार ने बिजली क्षेत्र को कर्ज और घाटे में डुबो दिया है।
अनुराग ढांडा ने दावा किया कि हरियाणा के बिजली वितरण निगमों पर 27 हजार 915 करोड़ रुपये का संचित घाटा है और कुल उधारी 20 हजार 311 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। यह स्थिति बताती है कि सरकार न तो वित्तीय सुधार कर पाई और न ही उपभोक्ताओं को राहत दे पाई।
उन्होंने कहा, “हरियाणा का आम परिवार महंगे टैरिफ, भारी फिक्स्ड चार्ज और लगातार बढ़ते बिजली बिलों से परेशान है, लेकिन सरकार के पास कोई ठोस जवाब नहीं है। राज्य में घाटा कम होने की बजाय उधारी बढ़ती जा रही है।” उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर 27 हजार 915 करोड़ रुपये का संचित घाटा कैसे खत्म होगा और प्रदेश की जनता इसकी मार क्यों झेले।
पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार का उदाहरण देते हुए अनुराग ढांडा ने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में पंजाब के बिजली निगमों ने 2600 करोड़ रुपये का लाभ कमाया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में बढ़ा हुआ है। राष्ट्रीय रैंकिंग में पीएसपीसीएल ने ए ग्रेड के साथ देश में दूसरा स्थान हासिल किया है। हरियाणा को पंजाब से सीखना चाहिए कि सही नीयत और पारदर्शी प्रशासन से बिजली क्षेत्र को लाभ में लाया जा सकता है।
अनुराग ढांडा ने कहा कि “रोशन पंजाब मिशन” के तहत 300 यूनिट तक फ्री बिजली देने का फैसला आम आदमी पार्टी सरकार की जनहितकारी सोच का प्रमाण है। पंजाब में 90 प्रतिशत से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को शून्य बिल का लाभ मिला है। अगर पंजाब में मुफ्त बिजली देकर भी निगम लाभ में आ सकता है, तो हरियाणा में कर्ज और घाटा क्यों बढ़ता जा रहा है, इस पर सरकार को स्पष्ट करना चाहिए।
