जालंधर। लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने पंजाब के जिला कांग्रेस प्रधानों के साथ लंबी बैठक कर संगठन को मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग भी मौजूद रहे। जिला प्रधानों ने अपने-अपने जिलों की स्थिति से राहुल गांधी को अवगत कराया और संगठन को मजबूत बनाने के लिए सुझाव दिए।
बैठक में तय किया गया कि सभी जिला प्रधानों के लिए 10 दिनों का विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया जाएगा। इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पार्टी के इतिहास, भविष्य की रणनीति, संगठन की संरचना और जनता के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के तरीकों पर मार्गदर्शन देंगे। जिला प्रधान पूरे 10 दिन कैंप में रहेंगे और इस दौरान बाहरी लोगों से किसी तरह की चर्चा नहीं करेंगे।
वरिष्ठ नेता अपने अनुभव साझा करेंगे और बताएंगे कि किन मुद्दों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। राहुल गांधी ने इंटरनेट मीडिया पर पार्टी की सक्रियता बढ़ाने पर भी जोर दिया।
पार्टी की नीतियों का व्यापक प्रचार
राहुल गांधी ने कहा कि समय की मांग है कि पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार किया जाए। बैठक में कुछ जिला प्रधानों ने जिला कार्यालयों के खर्च का मुद्दा भी उठाया। बताया गया कि केवल इंटरनेट मीडिया पर हर महीने करीब 50 हजार रुपये खर्च हो रहे हैं। इसके अलावा कार्यक्रमों के आयोजन से खर्च और बढ़ गया है। जिला कार्यालयों को वित्तीय सहायता देने का मुद्दा भी चर्चा में आया।
राहुल गांधी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी जिला प्रधान सबसे पहले अपनी-अपनी टीमों का गठन करें। इसके बाद ब्लॉक प्रधानों के कामकाज की समीक्षा की जाए। यदि किसी ब्लॉक प्रधान का काम संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो उसे बदला जा सकता है।
शाम 5 बजे तक 6 घंटे चली बैठक
संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से जिला प्रधानों को इस संबंध में छूट दी गई है। सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक चली बैठक में मुख्य फोकस संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर रहा। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई। बैठक में कांग्रेस के विभिन्न विंगों को सक्रिय करने पर भी जोर दिया गया।
यूथ कांग्रेस, महिला कांग्रेस, सेवा दल, एससी, बीसी, इंटक, किसान खेत मजदूर कांग्रेस, लीगल, मेडिकल, सोशल मीडिया और अल्पसंख्यक विंग को नए सिरे से गठित करने के निर्देश दिए गए हैं।
