रूद्रपुर में मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी की अध्यक्षता में कल्याणी नदी को प्रदूषणमुक्त बनाने के उद्देश्य से सिडकुल में स्थापित औद्योगिक कंपनियों के पदाधिकारियों के साथ जिला सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में नदी के जल संरक्षण और औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण के तरीकों पर व्यापक चर्चा हुई।
कंपनियों को निर्देश: बिना ट्रीट किए पानी न छोड़े
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी औद्योगिक संस्थानों के पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बिना ट्रीट किए गए पानी को कल्याणी नदी में कतई नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी कंपनियों को अपने ट्रीटमेंट प्लांट में सुधार करना अनिवार्य है। एक माह बाद कंपनियों से निकलने वाले पानी की सैम्पलिंग और जांच की जाएगी। जिस भी कंपनी से दूषित पानी नदी में गिरता पाया गया, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण और खतरनाक कैमिकल की सूची
दिवेश शाशनी ने आरएम सिडकुल और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कंपनियों में स्थापित ट्रीटमेंट प्लांट का नियमित निरीक्षण किया जाए और देखा जाए कि वे सुचारू रूप से कार्य कर रहे हैं या नहीं। साथ ही, जिन कंपनियों द्वारा खतरनाक कैमिकल का उपयोग होता है, उनकी सूची बनाकर उनकी नियमित जांच की जाए।
कल्याणी नदी का सैम्पलिंग और प्रदूषण स्तर की पहचान
मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि कल्याणी नदी का सिडकुल में प्रवेश होने से पहले, सिडकुल क्षेत्र समाप्ति के बाद अटरियां मंदिर के पास, और शहर समाप्ति के बाद उत्तर प्रदेश सीमा पर नदी के पानी का सैम्पलिंग कराते हुए जांच की जाए, ताकि पता चल सके कि किस क्षेत्र में कितना पानी प्रदूषित हो रहा है।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारी और औद्योगिक प्रतिनिधि उपस्थित
बैठक में अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, उप जिलाधिकारी/आरएम सिडकुल मनीष बिष्ट, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एसपी सिंह, सहायक अभियंता सुनील कुमार, दिलदार अली सहित औद्योगिक संस्थानों के एचआर हेड और अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
