लखनऊ। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों पर शिकंजा कसेगा। पनीर, बाेतल बंद पानी और देसी घी में मिलावट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के बाद अब खाद्य तेलों और मसालों के नमूने लिए जाएंगे। इसमें ब्रांडेड कंपनियों को भी बख्शा नहीं जाएगा।
इस बार एफएसडीए बीते एक साल के खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच रिपोर्ट का भी आकलन कर रहा है। रिपोर्ट में असुरक्षित पाए गए खाद्य तेलों, मसालों का फिर से नमूना लिया जाएगा। सभी फूड इंस्पेक्टर (खाद्य निरीक्षकों) से बाजार में बिक रहे खाद्य तेलों और मसालों की जानकारी मुख्यालय से मांगी गई है।
दीपावली के आसपास एफएसडीए ने प्रदेश भर में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ अभियान चलाया था। इस अभियान में खोया, नमकीन व अन्य खाद्य सामग्री के लगभग चार हजार नमूने लिए गए थे, साथ ही सैकड़ों क्विंटल खोया, मिठाई, दूध, तेल, घी, मसाले, सूखे मेवे व अन्य खाद्य सामग्री को नष्ट किया गया था, जिसकी कीमत आठ करोड़ रुपये से अधिक थी।
इस अभियान के दौरान लिए गए नमूनों की रिपोर्ट को एफएसडीए की सभी क्षेत्रीय प्रयोगशालाओं से मांगा गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इसी के साथ एफएसडीए आगामी त्योहार होली को देखते हुए पूरे प्रदेश में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री के खिलाफ अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है। इस अभियान में फूड सेफ्टी वैन की मदद भी ली जाएगी। एफएसडीए की 36 फूड सेफ्टी वैन से 18 मंडलों में खाद्य पदार्थों की जांच की जाएगी।
लड्डू की जांच से पकड़ में आया मिलावटी देसी घी का धंधा
खाद्य पदार्थों के निर्माण में मिलावटी देसी का इस्तेमाल किया जा रहा है। एफएसडीए ने बीते दिनों अयोध्या में मिठाई की दुकानों से लड्डू के नमूने जांच के लिए लिए थे। इसकी रिपोर्ट आई तो पता चला कि लड्डू बनाने में इस्तेमाल किया गया देसी घी मिलावटी है।
इसके बाद मिठाई के दुकानों से देसी घी के थोक विक्रेताओं और स्टाकिस्ट की जानकारी ली गई। इसी के आधार पर बहराइच, लखनऊ, मुजफ्फर नगर में छापेमारी करके रत्नागिरी, व्रजवाशी और हरियाण फ्रेश ब्रांड के मिलावटी देसी की खेप को पकड़ा गया।
