शिमला। हिमाचल प्रदेश के 8 जिलों को जोड़ने वाले मटौर-शिमला फोरलेन में सुरंग निर्माण अधिकाधिक होना चाहिए। शालाघाट से शिमला के बीच में 9 सुरंगों के निर्माण के साथ-साथ भगेड़ तक 18 सुरंग निर्माण करने से पहाड़ सुरक्षित रहेंगे। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भेंट करते हुए फोरलेन निर्माण में अधिकाधिक सुरंग निर्माण करने का आग्रह किया।
उन्होंने शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग की प्रगति से केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया। यह राष्ट्रीय राजमार्ग राज्य की राजधानी को 8 जिलों सहित पड़ोसी राज्यों से जोड़ता है।
इस क्षेत्र में अधिक सुरंग निर्माण का आग्रह
क्षेत्र की पर्वतीय भौगोलिक स्थिति और भू-वैज्ञानिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए शिमला से शालाघाट तथा भगेड़ से हमीरपुर तक अधिक से अधिक संख्या में सुरंगों के निर्माण का आग्रह किया।
हमीरपुर बाईपास सहित डीपीआर का मामला उठाया
इसके अतिरिक्त, उन्होंने पैकेज-4 के अन्तर्गत फोरलेन निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया, जिसमें चील बाहल स्थित हमीरपुर बाईपास के छोर से भंगबार तक का हिस्सा तथा नया उत्तरी हमीरपुर बाईपास शामिल है।
उन्होंने सड़कों और पुलों की मरम्मत एवं रख-रखाव के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया।
200 करोड़ की सैद्धांतिक स्वीकृति मिली
केंद्रीय मंत्री ने सीआरआईएफ के अंतर्गत छैला-नेरीपुल-यशवंत नगर-ओच्छघाट सड़क के लिए सैद्धांतिक रूप से 200 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की, इससे प्रदेश के सेब उत्पादकों को व्यापक लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री सुक्खू ने गत मानसून के कारण चीलबाहल से पक्का भरोह खंड में विभिन्न स्थानों पर भारी क्षति पहुंची है और पिछले पांच से छह वर्षों में इस सड़क के सुदृढ़ीकरण का कार्य नहीं किया गया। यह सड़क विभिन्न धार्मिक स्थलों तक पहुंचने में महवत्पूर्ण है।
आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध
एनएच-03 के चिलबाहल से पक्का भरोह खंड को विकास एवं रखरखाव कार्यों के लिए हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग (एनएच विंग) को सौंपने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया। एनएचएआई द्वारा 38.37 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान करने की भी अनुरोध किया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस राशि को मंजूरी प्रदान करते हुए राज्य सरकार को पूर्ण सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।
पहले पत्र भेजा जा चुका
परवाणू-शिमला फोरलेन में पहाड़ दरकने के अनुभव को देखते हुए प्रदेश सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को फोरलेन में सुरंग निर्माण अधिक करने के संबंध में पत्र लिखे गए हैं। यही वजह है कि मटौर-शिमला फोरलेन में निर्माण की नई तकनीक अपनाई जा रही है। अब सीमेंट के निर्मित कलवट डाले जा रहे हैं।
