पंजाब ने औद्योगिक विकास की दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ाते हुए विशेष स्टील निर्माण क्षेत्र में 1003.57 करोड़ रुपये का ग्रीनफील्ड निवेश आकर्षित किया है. इस निवेश से राज्य के औद्योगिक इकोसिस्टम को नई मजबूती मिलने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे.
चंडीगढ़ में जानकारी साझा करते हुए उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन तथा बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि अरोड़ा आयरन ग्रुप की कंपनी ए.आई.एस.आर.एम. मल्टीमेटल्स प्राइवेट लिमिटेड ने लुधियाना जिले के गांव जसपालों, दोराहा-खन्ना रोड पर अत्याधुनिक स्टील निर्माण सुविधा स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है. कंपनी का वर्तमान टर्नओवर करीब 2,200 करोड़ रुपये है.
यह प्रोजेक्ट लगभग 46 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा और इसके माध्यम से 920 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है. मंत्री ने बताया कि यह परियोजना तीन चरणों में पूरी की जाएगी और इसका पहला चरण सितंबर 2027 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है.
प्रस्तावित यूनिट की कुल स्थापित उत्पादन क्षमता 5.40 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष होगी. इस प्लांट में स्क्रैप और फेरो अलॉयज को कच्चे माल के रूप में उपयोग कर राउंड बार्स, वायर रॉड, कॉइल और फ्लैट जैसे उत्पाद तैयार किए जाएंगे. उत्पादन साल में करीब 350 दिनों तक ट्रिपल शिफ्ट में किया जाएगा, जिससे निरंतर और बड़े पैमाने पर स्टील उत्पादन संभव हो सकेगा.
संजीव अरोड़ा ने बताया कि प्लांट में इंडक्शन फर्नेस, इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस, लैडल रिफाइनिंग फर्नेस, वैक्यूम डीगैसिंग, आर्गन ऑक्सीजन डीकार्बराइजेशन, कंटीन्यूअस कास्टिंग मशीन और आधुनिक रोलिंग मिल्स जैसी उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा. ये तकनीकें उच्च गुणवत्ता वाले अलॉय और विशेष स्टील उत्पादों के निर्माण में मदद करेंगी.
उन्होंने कहा कि यह निवेश खासतौर पर ऑटोमोबाइल और ऑटोमोटिव कंपोनेंट सेक्टर के लिए बेहद अहम साबित होगा, जहां हाई-ग्रेड स्टील की मांग लगातार बढ़ रही है. साथ ही यह परियोजना लुधियाना को उत्तरी भारत के एक प्रमुख औद्योगिक और धातु केंद्र के रूप में और मजबूत करेगी.
कैबिनेट मंत्री ने विश्वास जताया कि अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब आने वाले समय में देश का सबसे पसंदीदा निवेश गंतव्य बनेगा.
