देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा अंकिता भंडारी हत्याकांड में की गई सीबीआई जांच की घोषणा भी पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच की तरह ही हश्र को पहुंचती नजर आ रही है।
कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए गणेश गोदियाल ने सर्वप्रथम जम्मू-कश्मीर के डोडा में सैन्य वाहन दुर्घटना में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में जनता के भारी आक्रोश को देखते हुए मुख्यमंत्री ने आनन-फानन में सीबीआई जांच की आधी-अधूरी घोषणा तो कर दी, लेकिन अब तक न तो सीबीआई की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आया है और न ही जांच की स्थिति स्पष्ट है। यही स्थिति पहले पेपर लीक मामले में भी देखने को मिली थी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी मामले में राज्य सरकार की नीयत शुरू से ही साफ नहीं रही है और सरकार जांच को प्रभावित करने के लिए लगातार लीपापोती करती रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस अंकिता को न्याय दिलाने के लिए दोबारा आंदोलन शुरू करेगी।
एक अन्य मुद्दे पर बोलते हुए गणेश गोदियाल ने कहा कि काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या प्रकरण में अब तक न तो जांच पूरी हुई है और न ही दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को दबाने के लिए कुछ पुलिसकर्मियों का तबादला रुद्रप्रयाग और चमोली कर दिया गया, जबकि ऐसे कर्मियों को आम जनता की सुरक्षा के बजाय मुख्यमंत्री की सुरक्षा में क्यों नहीं लगाया गया—यह सवाल सरकार से पूछा जाना चाहिए।
उन्होंने भाजपा की अंदरूनी राजनीति पर तंज कसते हुए कहा कि अरविंद पांडेय के घर चाय पर चर्चा के लिए भाजपा के कई नेता उत्सुक थे और हेलीकॉप्टर तक तैयार था, लेकिन अचानक योजना रद्द हो गई। उन्होंने कहा कि भाजपा कांग्रेस पर गुटबाज़ी के आरोप लगाती है, जबकि हकीकत में भाजपा स्वयं खंड-खंड में बंटी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि “जिसके घर शीशे के होते हैं, वह दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंकते।”
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए गणेश गोदियाल ने कहा कि भाजपा अपने पोस्टर और होर्डिंग में किसकी तस्वीर लगाए, यह उसका अधिकार है, लेकिन दुष्यंत गौतम की फोटो का अचानक बैनर-पोस्टरों से गायब होना इस बात की ओर इशारा करता है कि भाजपा भी कहीं न कहीं उन्हें अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े वीआईपी के रूप में देख रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि देर से दूरी बनाकर भाजपा जनता की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश कर रही है।
पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि, प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह, प्रवक्ता गरिमा दसौनी, सोशल मीडिया प्रभारी अभिनव थापर आदि उपस्थित थे।
