देहरादून। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण, उत्तराखण्ड द्वारा आयुष्मान भारत योजना एवं आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के अंतर्गत देहरादून जनपद के विभिन्न सरकारी एवं निजी चिकित्सा संस्थानों में जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान अस्पतालों में भर्ती मरीजों, उनके तीमारदारों एवं ओपीडी में आने वाले लोगों को आयुष्मान योजना एवं एबीडीएम से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान की गईं।
इस अवसर पर लाभार्थियों को आयुष्मान योजना से संबंधित पंपलेट एवं अन्य प्रचार सामग्री वितरित की गई। साथ ही योजना के अंतर्गत मिलने वाले उपचार एवं सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी गई, ताकि आमजन किसी भी प्रकार के भ्रम से बच सकें।
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के चेयरमैन अरविंद सिंह ह्यांकी एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी रीना जोशी (आईएएस) के निर्देशों के अनुपालन में यह अभियान संचालित किया गया। प्राधिकरण के सहायक प्रबंधक आईईसी नवीन शुक्ला, नवीन चमोली तथा एबीडीएम के प्रणव शर्मा द्वारा राजधानी के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की गईं।
कार्यक्रम के दौरान विशेष रूप से 70 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के लोगों के लिए संचालित वय वंदना आयुष्मान कार्ड के बारे में जानकारी दी गई और जिन पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड नहीं बने हैं, उनसे शीघ्र कार्ड बनवाने की अपील की गई, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे योजना का लाभ ले सकें।
इसके साथ ही सड़क दुर्घटना में घायल पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक अथवा एक सप्ताह तक (जो भी पहले हो) निःशुल्क एवं तत्काल उपचार की सुविधा के बारे में भी जानकारी दी गई। एबीडीएम के अंतर्गत आभा आईडी के महत्व, स्वास्थ्य रिकॉर्ड के डिजिटलाइजेशन, स्कैन एंड शेयर सुविधा तथा सुझाव व शिकायत निवारण हेतु जारी टोल-फ्री नंबर के बारे में भी लोगों को अवगत कराया गया।
इस दौरान अस्पतालों में आयुष्मान योजना को लेकर मरीजों को भ्रमित करने वाले तत्वों से सतर्क रहने की अपील की गई तथा योजना की गुणवत्ता, पारदर्शिता और सार्वभौमिकता को दर्शाने वाली प्रचार सामग्री भी वितरित की गई।
