By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
lokmatujalalokmatujalalokmatujala
  • Home
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • दिल्ली/एनसीआर
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • राजस्थान
    • बिहार
    • मध्यप्रदेश
    • झारखंड
    • हिमाचल प्रदेश
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अर्न्तराष्ट्रीय
  • धार्मिक
  • मनोरंजन
    • खेल
    • बॉलीवुड
  • क्राइम
  • राजनीति
  • बिज़नेस
Notification Show More
Font ResizerAa
lokmatujalalokmatujala
Font ResizerAa
  • Home
  • राज्य
  • राष्ट्रीय
  • अर्न्तराष्ट्रीय
  • धार्मिक
  • मनोरंजन
  • क्राइम
  • राजनीति
  • बिज़नेस
  • Home
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • दिल्ली/एनसीआर
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • राजस्थान
    • बिहार
    • मध्यप्रदेश
    • झारखंड
    • हिमाचल प्रदेश
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अर्न्तराष्ट्रीय
  • धार्मिक
  • मनोरंजन
    • खेल
    • बॉलीवुड
  • क्राइम
  • राजनीति
  • बिज़नेस
Follow US
Home » Blog » थराली में बरसात का कहर – 40 दुकानें और 20 मकान तबाह, वैज्ञानिक बोले ‘हॉटस्पॉट बन रहा है उत्तराखंड’
उत्तराखंड

थराली में बरसात का कहर – 40 दुकानें और 20 मकान तबाह, वैज्ञानिक बोले ‘हॉटस्पॉट बन रहा है उत्तराखंड’

lokmatujala
Last updated: August 24, 2025 2:16 pm
By lokmatujala
Share
5 Min Read
SHARE

उत्तराखंड में इस बार का मानसून लगातार तबाही लेकर आ रहा है। धराली आपदा के ज़ख़्म अभी भरे भी नहीं थे कि शुक्रवार रात चमोली के थराली में तेज बारिश ने नया कहर ढा दिया। थराली बाज़ार में करीब 40 दुकानें और 20 मकान भारी बारिश की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए। इस हादसे में एक युवती की मौत हो गई, जबकि एक बुज़ुर्ग अब तक लापता हैं।

Contents
धराली से थराली तक तबाही का सिलसिलाबादल फटने से जुड़ी वैज्ञानिक चेतावनीथराली में बारिश के आंकड़े चौंकाने वालेवैज्ञानिकों का कहनाइस साल सामान्य से ज्यादा बारिशअसली खतरा – मलबा और गदेरों में आया सैलाब

धराली से थराली तक तबाही का सिलसिला

पहाड़ों में इस समय हालात बेहद कठिन हैं। धराली में आई आपदा से लोग अभी उबर भी नहीं पाए थे कि थराली में मलबे का सैलाब नई मुसीबत बनकर आया। बारिश के बाद बहकर आया भारी मलबा गदेरों और नालों में जमा हो गया और अचानक नीचे की ओर बह निकला। इसने रास्ते में आई दुकानों और मकानों को नुकसान पहुंचाया।

लोगों का कहना है कि रातभर बादल गरजते और बिजली कड़कती रही, जिससे दहशत का माहौल था। सुबह जब तबाही का मंजर सामने आया तो कई लोग अपने टूटे आशियाने और बर्बाद दुकानों को देखकर रो पड़े।

बादल फटने से जुड़ी वैज्ञानिक चेतावनी

इसी बीच वाडिया, जलागम, आईआईजी, दून विश्वविद्यालय और दिल्ली विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों का नया शोध सामने आया है। इसमें साफ कहा गया है कि उत्तराखंड अब बादल फटने जैसी चरम घटनाओं का हॉटस्पॉट बन चुका है।

1982 से 2020 तक के आंकड़ों पर आधारित इस अध्ययन में पाया गया है कि पिछले चार दशकों में बारिश, सतही तापमान और जल प्रवाह में बड़े बदलाव हुए हैं।

  • 2010 के बाद से बादल फटने जैसी घटनाओं में तेजी आई।

  • पूर्वी जिलों (नैनीताल, ऊधमसिंह नगर) में 1990 के दशक में बारिश बढ़ी, जबकि 2000 के दशक में पश्चिमी जिलों (जैसे बागेश्वर) में कमी देखी गई।

  • 2020 तक यह पैटर्न फिर उलट गया और पूर्वी इलाक़ों में ज्यादा बारिश दर्ज होने लगी।

  • तराई और रुड़की क्षेत्र में भी जल प्रवाह के पैटर्न में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

थराली में बारिश के आंकड़े चौंकाने वाले

थराली में शुक्रवार को हुई बारिश का आंकड़ा बता रहा है कि हालात सामान्य नहीं हैं।

  • शाम 6.45 से 7.45 बजे तक एक घंटे में 38 मिमी बारिश हुई।

  • रात 11 से 12:15 बजे तक 36 मिमी और बारिश दर्ज की गई।

  • शुक्रवार सुबह 8:30 से शनिवार सुबह 3:45 बजे तक कुल 147 मिमी बारिश हुई।

  • जबकि सामान्य तौर पर चमोली जिले में 24 घंटे में 6.9 मिमी बारिश होती है, इस बार यह आंकड़ा 17.7 मिमी तक पहुंच गया, यानी 157% अधिक।

वैज्ञानिकों का कहना

मौसम विभाग के पूर्व निदेशक बिक्रम सिंह और वैज्ञानिक रोहित थपलियाल का मानना है कि अरब सागर से आने वाली हवाएं जब हिमालय की पहाड़ियों से टकराती हैं, तो अचानक ऊपर उठ जाती हैं और तेजी से बादल बनने लगते हैं। यही वजह है कि बादल फटने की घटनाएं अक्सर तड़के सुबह होती हैं।

बिक्रम सिंह ने बताया कि रात में तापमान घटने से वातावरण ओसांक (Dew Point) तक पहुंच जाता है और नमी पानी की बूंदों में बदल जाती है। इससे अचानक भारी बारिश होती है और मलबा नीचे की ओर बहकर तबाही मचाता है।

इस साल सामान्य से ज्यादा बारिश

23 अगस्त तक ही उत्तराखंड में 1031 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। सामान्य तौर पर इस समय तक औसतन 904.2 मिमी बारिश होती है। यानी इस साल राज्य में पहले ही 14% अधिक बरसात हो चुकी है और मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि मानसून के अंत तक यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।

असली खतरा – मलबा और गदेरों में आया सैलाब

विशेषज्ञों का मानना है कि असली खतरा सिर्फ बादल फटने से नहीं है, बल्कि बारिश के बाद नदी-नालों में जमा मलबा है। यही मलबा अचानक सैलाब बनकर नीचे की ओर बहता है और तबाही मचाता है। धराली से लेकर थराली तक यही पैटर्न देखने को मिला है।

TAGGED:Chamoli District DisasterChamoli Rainfall DestructionCloudburst in UttarakhandDharali Tragedy NewsTharali Chamoli Rain UpdateTharali Disaster UpdateTharali Rain DisasterUttarakhand Cloudburst NewsUttarakhand Flood and Landslide NewsUttarakhand Floods and CloudburstUttarakhand Heavy Rain UpdateUttarakhand Hotspot of CloudburstUttarakhand Monsoon 2025Uttarakhand Monsoon HavocUttarakhand Monsoon ResearchUttarakhand Monsoon Scientific ReportUttarakhand Natural Disaster NewsUttarakhand Rainfall 2025Uttarakhand Rainfall Data 2025Uttarakhand Weather Change News
Share This Article
Facebook Copy Link Print
Leave a Comment Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Fast Four Quiz: Precision Medicine in Cancer

How much do you know about precision medicine in cancer? Test your knowledge with this quick quiz.
Get Started
सत्य साईं संजीवनी अस्पताल गर्भस्थ शिशुओं के लिए करेगा फीटल स्क्रीनिंग की निशुल्क सेवा शुरू, पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने किया 5 बेड के शिशु सघन चिकित्सा कक्ष का उद्वघाटन

स्वरूप पुरी/सुनील पाल रायवाला स्थित श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल चिकित्सा के…

पुत्र मोह पर हरदा की सफाई, परिवारवाद का आरोप, हरदा का क्या जवाब

गिरीश खडायत / सुनील पाल  हरिद्वार लोकसभा सीट से अपने बेटे वीरेंद्र…

14 से 20 अप्रैल तक चलेगा अग्निशमन सप्ताह, अग्निशमन दिवस पर जनजागरूकता रैली निकाल लोगो को किया जागरूक

सुनील पाल / स्वरुप पूरी  हरिद्वार - आज अग्निशमन दिवस के अवसर…

Your one-stop resource for medical news and education.

Your one-stop resource for medical news and education.
Sign Up for Free

You Might Also Like

उत्तराखंड

उत्तराखंड में 38वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन को बताया स्वर्णिम अवसर और चुनौती : मुख्य सचिव राधा रतूड़ी 

By lokmatujala
उत्तराखंडराज्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 7 फरवरी को जनपद भ्रमण पर, कई कार्यक्रमों में लेंगे भाग

By lokmatujala
उत्तराखंडराज्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कृषि, पर्यटन और स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा की

By lokmatujala
उत्तराखंड

सीएम आवास पहुंचा शुभंकर मौली, मुख्यमंत्री धामी ने किया स्वागत

By lokmatujala

संपर्क सूत्र
Name – Mohammad Qasim
Phone No. – 7388521213
Email ID – lokmatujala@gmail.com
Address – 89/148-C Dalel Purwa
(Near Bansmandi Police Chowki)
Kanpur- 208001

Company
  • Privacy Policy
  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
राहुल गांधी ने पंजाब कांग्रेस जिला प्रधानों के साथ की लंबी बैठक, संगठन मजबूत करने पर चर्चा
February 11, 2026
हरियाणा में बुजुर्गों के सम्मान और पेंशन व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री सैनी का बयान
February 11, 2026

Copyright © 2025 लोकमत उजाला. All Rights Reserved. designed by Sorit Chaudhary

Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?