चंडीगढ़। हरियाणा को अगले पांच साल में केंद्रीय करों से एक लाख करोड़ रुपये मिलेंगे। 16वें वित्त आयोग ने केंद्रीय करों में हरियाणा का हिस्सा बढ़ा दिया है। अब तक केंद्रीय करों में हरियाणा का हिस्सा 1.093 प्रतिशत था, जो बढ़कर 1.361 प्रतिशत हो गया है।
15वें वित्त आयोग की अनुशंसा की तुलना में यह 24.5 प्रतिशत अधिक है। साल 2026-27 में हरियाणा को केंद्रीय करों से 20 हजार 772 करोड़ रुपये मिलेंगे। यह राशि पिछले वर्ष के संशोधित अनुमान से पांच हजार 547 करोड़ रुपये अधिक है। आने वाले पांच सालों में इस बढ़े हुए हिस्से से हरियाणा को लगभग 28 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि मिलने का अनुमान है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान यह आंकड़े साझा किए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट के प्रावधान हरियाणा के बजट में भी देखने को मिलेंगे। उन्होंने कहा कि 16वें वित्त आयोग की अवधि में हरियाणा को एक लाख करोड़ रुपये की केंद्रीय कर राशि का जो सहयोग मिलेगा, वह राज्य को मिलने वाला अब तक का सबसे ज्यादा फंड है, जबकि, इससे पहले कांग्रेस के शासनकाल में 13वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार प्रदेश को 14 हजार 937 करोड़ रुपये मिले थे।
भाजपा सरकार के शासन काल में 14वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार, 34 हजार 758 करोड़ रुपये व 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार, प्रदेश को कुल 61 हजार 736 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। यह हरियाणा की आर्थिक मजबूती और केंद्र सरकार के सहयोग का स्पष्ट प्रमाण है।
सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि केंद्र सरकार का तीसरा बजट केवल एक वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि उस भारत की तस्वीर पेश करता है, जो आत्मनिर्भर, प्रतिस्पर्धी और सामाजिक रूप से संवेदनशील है। सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को 12 लाख 20 हजार करोड़ रुपये तक बढ़ाया गया है। यह निवेश सड़क, रेल, शहरी अवसंरचना, औद्योगिक कॉरिडोर और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करेगा। इसका सीधा लाभ हरियाणा को मिलेगा, क्योंकि हरियाणा दिल्ली-एनसीआर, औद्योगिक गलियारों और राष्ट्रीय राजमार्गों का केंद्र है।
केंद्रीय बजट में कौशल विकास, रोजगार और भविष्य की तकनीकों के लिए 15 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, बॉयोटेक और साइबर सिक्योरिटी जैसी तकनीकों के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का विशेष फंड रखा गया है, जिसका सीधा लाभ गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और रोहतक जैसे शैक्षणिक व तकनीकी केंद्रों को मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि स्टार्टअप और उद्यमिता के लिए 7,500 करोड़ रुपये के प्रावधान से हरियाणा का स्टार्टअप इकोसिस्टम मजबूत होगा। हरियाणा में लगभग 50 प्रतिशत स्टार्टअप महिलाएं चला रही हैं। बायोफार्मा शक्ति पहल के अंतर्गत 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान, स्वास्थ्य अवसंरचना के लिए 20 हजार करोड़ रुपये व मेडिकल टूरिज्म के लिए पांच हजार करोड़ रुपये का समर्थन दिया गया है। ऐसे में गुरुग्राम, पंचकूला, रोहतक और करनाल जैसे क्षेत्रों में फार्मा क्लस्टर, मेडिकल कालेज और आधुनिक अस्पतालों के काम को नई गति मिलेगी।
नये स्टार्टअप्स और महिला उद्यमियों पर मेहरबान सरकार
- हरियाणा सरकार स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए दो हजार करोड़ रुपये का फंड ऑफ फंड्स स्थापित कर रही है।
- महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों के केंद्र में लाने के लिए स्वयं सहायता समूहों को सामुदायिक स्तर पर उद्यमिता हाट के रूप में विकसित करने की योजना।
- प्रत्येक जिले में उच्च शिक्षा के एसटीइएम संस्थानों में महिला छात्रावासों की स्थापना का प्रावधान करेंगे।
- गुरुग्राम, रोहतक, करनाल और हिसार जैसे शहरों में स्वास्थ्य व केयर सेक्टर में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
- बजट में जलाशयों और अमृत सरोवरों के विकास से जल संरक्षण और भूजल स्तर सुधारने में मदद मिलेगी।
- हरियाणा की छह लाख एकड़ जलभराव और खारी भूमि को खेती योग्य बनाने के लिए विशेष प्रावधान।
पुराने औद्योगिक क्लस्टरों को मिलेगा विकसित होने का मौका
- 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टरों के पुनर्जीवन का निर्णय पानीपत, यमुनानगर और अंबाला जैसे पारंपरिक औद्योगिक शहरों को नई ऊर्जा देगा।
- टियर-2 व टियर-3 शहरों पर ध्यान देने से रोहतक, हिसार, करनाल, सिरसा और रेवाड़ी जैसे शहरों में रोजगार आधारित शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
- रेलवे क्षेत्र में हरियाणा को तीन हजार 566 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
- इसमें 315 करोड़ रुपये विशेष रूप से राज्य की प्राथमिक और लक्षित परियोजनाओं के लिए रखे गए हैं।
- हरियाणा के 34 रेलवे स्टेशनों को ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के अंतर्गत आधुनिक बनाया जा रहा है।
- हरियाणा के राखीगढ़ी जैसे स्थलों को वैश्विक पहचान मिल सकेगी।
