देहरादून: खेल महाकुंभ-2026 के तहत 1 नवंबर को मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी का समापन हुआ. समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ खेल मंत्री रेखा आर्या भी शामिल हुईं. खेल मंत्री ने बताया कि इस वर्ष प्रतियोगिताओं में 3.17 लाख खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया, जबकि पिछले साल यह संख्या 2.19 लाख थी. कुल 3.33 लाख खिलाड़ियों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया था. 32 खेल विधाओं में न्याय पंचायत से राज्य स्तर तक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं. विजेता खिलाड़ियों को कुल 11.50 करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि वितरित की जाएगी. खेल युवाओं के लिए रोजगार और बेहतर भविष्य के अवसर भी खोले जा रहे हैं.
उत्तराखंड में खेलों के प्रति युवाओं का रुझान तेजी से बढ़ रहा है. खेल महाकुंभ-2026 में पिछले साल की तुलना में करीब एक लाख से अधिक खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया. इस साल प्रतियोगिताओं में कुल 3.17 लाख खिलाड़ियों की भागीदारी दर्ज की गई, जबकि साल 2025 में यह संख्या 2.19 लाख थी. खास बात यह है कि इस बार 3.33 लाख खिलाड़ियों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया था. खेल महाकुंभ के तहत आयोजित मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी का रविवार को देहरादून में समापन हो गया. समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और खेल मंत्री रेखा आर्या मौजूद रहे. समापन समारोह में खिलाड़ियों ने मलखंब और योग की प्रस्तुतियां दीं.
खेल महाकुंभ प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को मंच देने के लिए न्याय पंचायत स्तर से शुरू होकर राज्य स्तर तक आयोजित किया गया. इस साल प्रतियोगिताओं में कुल 32 खेलों को शामिल किया गया. इनमें पारंपरिक खेलों के साथ आधुनिक और ओलंपिक खेल भी शामिल रहे. प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए न्याय पंचायत स्तर पर 662, विधानसभा स्तर पर 70 और संसदीय क्षेत्र स्तर पर आठ प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं. इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला.
खेल महाकुंभ में खिलाड़ियों की बढ़ती भागीदारी के साथ पुरस्कार और प्रोत्साहन की व्यवस्था भी की गई है. विभिन्न स्तरों पर विजेता खिलाड़ियों को कुल 11.50 करोड़ रुपए की नकद पुरस्कार राशि वितरित की जाएगी. पहला, दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को निर्धारित पुरस्कार राशि के साथ प्रमाणपत्र और मेडल दिए गए. राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों के लिए ट्रैकसूट, खेल किट, जूते और भोजन की व्यवस्था भी की गई.
खेल अब केवल शारीरिक और मानसिक विकास तक सीमित नहीं है. बल्कि इनके माध्यम से युवाओं के लिए रोजगार, सम्मान और भविष्य निर्माण के अवसर भी तैयार हो रहे हैं. प्रदेश में खेल सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक प्रशिक्षण और खेल अवस्थापना के विकास पर भी जोर दिया जा रहा है. खेल महाकुंभ के जरिए गांवों और शहरों की प्रतिभाओं को एक मंच पर लाने की कोशिश की जा रही है.
-रेखा आर्या, खेल मंत्री-
