शिमला। प्रदेश कांग्रेस संगठन महामंत्री विनोद जिंटा ने पोंग बांध विस्थापितों को भूमि पट्टे देने के राज्य सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 50 वर्षों से लंबित मुद्दे का समाधान कर इतिहास रच दिया है।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय केवल भूमि आवंटन नहीं, बल्कि हजारों विस्थापित परिवारों को न्याय दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। प्रेस को जारी बयान में जिंटा ने कहा कि पोंग बांध विस्थापितों का मामला दशकों तक सरकारी फाइलों में दबा रहा। कई सरकारें आईं और गईं, चुनावी वादे भी हुए, लेकिन किसी ने भी प्रभावित परिवारों को उनका वैधानिक अधिकार दिलाने के लिए ठोस पहल नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सहित पूर्ववर्ती सरकारें इस मुद्दे का स्थायी समाधान नहीं कर सकीं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू ने सत्ता संभालने के बाद इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को निर्देश दिए और वर्षों से लंबित प्रक्रिया पूरी कर प्रभावित परिवारों को उनका अधिकार दिलाया। यह उनकी संवेदनशील सोच और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
जिंटा ने बताया कि पोंग बांध निर्माण से 20,722 से अधिक परिवार और करीब 30 हजार लोग प्रभावित हुए थे, जिन्होंने प्रदेश और देश के विकास के लिए अपना घर और जमीन छोड़ी थी। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार विस्थापितों से जुड़े शेष मामलों का भी चरणबद्ध तरीके से समाधान करेगी और किसी भी प्रभावित परिवार के साथ अन्याय नहीं होने देगी।
