बुलंदशहर: बुलंदशहर के नरसेना थाना क्षेत्र के घुंघरावली गांव में रविवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक खेत में 32 वर्षीय महिला का सिरविहीन शव मिला. हत्यारों ने पहचान छिपाने के उद्देश्य से महिला का सिर धड़ से अलग कर दिया था. सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स के साथ मौके पर पहुंचीं. एसएसपी दिनेश कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने भारी खोजबीन शुरू की ताकि साक्ष्य जुटाए जा सकें.
कटा हुआ सिर 7 घंटे बरामद: पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के जंगलों और खेतों में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया. करीब सात घंटे की कड़ी मशक्कत और कांबिंग के बाद, घटनास्थल से 500 मीटर दूर झाड़ियों में महिला का कटा हुआ सिर बरामद कर लिया गया. एसएसपी ने बताया कि सिर को इतनी दूर फेंकना पुलिस को गुमराह करने और पहचान मिटाने की एक सोची-समझी साजिश थी. घटनास्थल पर बिखरा हुआ खून और संघर्ष के निशान बताते हैं कि महिला ने अंत समय तक अपनी जान बचाने का मुकाबला किया होगा.
हाथ पर गुदा टैटू बना सुराग: महिला की पहचान अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन उसके दाहिने हाथ पर गुदे हुए टैटू पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग बने हैं. महिला की बाजू पर तीन पंक्तियों में “करत ले पिता”, “बबली” और “जूनी सिंह” नाम लिखे हुए मिले हैं. पुलिस का अनुमान है कि महिला का नाम बबली हो सकता है. इसी आधार पर पुलिस ने सोशल मीडिया और WhatsApp ग्रुप्स के माध्यम से आसपास के जनपदों में शिनाख्त की अपील जारी की है.
पेशेवर अपराधियों पर शक: जिस बेरहमी से गर्दन को धड़ से अलग किया गया, उससे पुलिस को अंदेशा है कि इस वारदात में कोई पेशेवर अपराधी या फिर मृतका का कोई बेहद करीबी शामिल हो सकता है. वारदात के लिए सुनसान इलाके का चयन करना यह दर्शाता है कि हत्यारों को इस रास्ते की पूरी जानकारी थी. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि महिला को कहीं और से लाकर यहाँ मारा गया या फिर उसे बहला-फुसलाकर लाया गया था. फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.
खुलासे के लिए टीमें गठित: एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने इस केस के खुलासे के लिए विशेष टीमें गठित कर दी हैं. पुलिस ने क्षेत्र के मोबाइल टावरों का डंप डेटा उठाना शुरू कर दिया है ताकि संदिग्ध मोबाइल नंबरों की ट्रेसिंग की जा सके. हापुड़, मेरठ और अलीगढ़ जैसे पड़ोसी जिलों की पुलिस को भी फोटो साझा कर अलर्ट कर दिया गया है. पुलिस को उम्मीद है कि टैटू के आधार पर परिजनों की पहचान होते ही हत्या की असल वजह साफ हो जाएगी.
