कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पंजाब के सीएम भगवंत मान पर हर समय शराब के नशे में रहने का आरोप लगाया तो ये बात आम आदमी पार्टी को बिल्कुल भी पसंद नहीं आई. आम आदमी पार्टी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. दरअसल राहुल ने बुधवार को संगरूर में कहा था कि भगवंत मान हमेशा शराब के नशे में रहते हैं, जबकि उनका खुद का राज्य नशे की समस्या से जूझ रहा है.कांग्रेस नेता ने ये बात पंजाब में अगले साल होने वाले चुनाव के लिए बुधवार को प्रचार अभियान शुरू करने के दौरान कही. बता दें कि पंजाब चुनाव में कांग्रेस का मुकाबला इंडिया की सहयोगी आम आदमी पार्टी से होगा.
राहुल गांधी के भगवंत मान पर दिए शराब वाले आरोपों को आप नेता सौरभ भारद्वाज ने ‘स्तरहीन’ बताया. उन्होंने कहा कि इस तरह के संगीन और व्यक्तिगत आरोप लगाया जाना राजनीति का निचला स्तर है, इससे कुछ भी हासिल नहीं होगा.उन्होंने राहुल गांधी को बीजेपी के साथ मिलकर पंजाब को निशाना बनाने का आरोप लगाया.
राहुल पर AAP की चुटकी
राहुल के इस आरोप पर AAP हमलावर है. AAP ने एक्स पर अलग-अलग कई पोस्ट कर राहुल गांधी पर हमला बोला है. एक पोस्ट में पूछा-राहुल गांधी, आप और आपकी कांग्रेस पार्टी दलितों से इतनी नफरत क्यों करते हैं. साथ ही उन्होंने नए पोस्ट में राहुल गांधी की पप्पू लिखी मुखौटे वाली एक तस्वीर पोस्ट की है, साथ में कैप्शन लिखा है-इधर से आलू डालूंगा, तो उधर से सोना निकलेगा.
AAP का राहुल गांधी पर पलटवार
आप पंजाब ने एक्स पर एक पोस्ट में पंजाब के लोगों से अपील की है कि वे राहुल गांधी की झूठी हमदर्दी के बहकावे में न आएं और कांग्रेस सरकार में पंजाबियों को मिले धोखों को न भूलें. पार्टी की रैली में सिर्फ भगवंत मान का नाम भी गूंजता रहा. कांग्रेस अभी हताशा में यह नाम ले रहे हैं, और 2027 के बाद वे रोते हुए यही नाम जपेगी.
वहीं पंजाब कैबिनेट मंत्री अमन सुनम अरोरा ने राहुल पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने न तो पंजाब के विकास को लेकर अपनी पार्टी की कोई योजना शेयर की और न ही कांग्रेस भवन में एक दलित नेता के साथ हुई हाथापाई पर कोई प्रतिक्रिया दी. उनकी यह चुप्पी उनकी कुर्सी-केंद्रित राजनीति और संकीर्ण मानसिकता को दिखाती है.
‘ सुबह 11 बजे तक मान के मुंह से शराब की बदबू आती थी’
राहुल गांधी ने 4 नवंबर को संगरूर में कांग्रेस की ‘इंसाफ रैली’ को संबोधित करते हुए भगवंत मान संग अपनी मुलाकातों को याद किया, जब वह सांसद थे. राहुल ने कहा, “मैं उनके साथ लोकसभा में था, मान हमारे साथ ही बैठते थे. वह हमारे बीच बैठकर ही चुटकुले सुनाते थे. सुबह 11 बजे तक भी उके मुंह से शराब की महक आती थी.’ हालांकि राहुल ने ये भी कहा कि वह पंजाब सीएम की शराब पीने की पर्सनल चॉइस पर सवाल नहीं उठा रहे हैं, बल्कि उनका तर्क यह था कि यह मुद्दा तब अहम हो जाता है, जब पंजाब के सीएम से नशे के खिलाफ अभियान का नेतृत्व करने की अपेक्षा की जाती है.
‘पंजाब का सीएम नशे में धुत नहीं रह सकता’
राहुल ने कहा कि वह यह नहीं कह रहे कि भगवंत मान को शराब नहीं पीनी चाहिए, ये तो उनका निजी मामला है. अगर वे शराब पीना चाहते हैं तो यह उनकी अपनी मर्जी है. लेकिन अगर वह सच में नशे की समस्या से लड़ना चाहते हैं, तो मुख्यमंत्री हर शाम नशे की हालत में नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि पंजाब को एक ऐसे नेता की जरूरत है जो नशे से होने वाली तकलीफ को सच में समझे और इससे लड़ने के लिए तैयार हो.राहुल गांधी का ये बयान आम आदमी पार्टी को बिल्कुल भी रास नहीं आया. पार्टी ने इसे नीचे स्तर का हमला बताते हुए कहा कि राहुल जैसे सीनियर नेता को ऐसी बातें शोभा नहीं देती हैं.
