देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार उत्तराखण्ड में 8 जून 2026 से विधानसभा निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का कार्य प्रारम्भ हो चुका है। मतदाताओं की सुविधा के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय सहित सभी जनपदों में कंट्रोल रूम एवं हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं, जहां मतदाता पुनरीक्षण अभियान से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय, उत्तराखण्ड में उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। राज्य स्तरीय टोल फ्री नंबर 1800-3300-1950 जारी किया गया है।
जिला स्तर पर नामित नोडल अधिकारियों में उत्तरकाशी में अतुल आनन्द (01374-227026), चमोली में अंकित चन्द्र (8273920855, 01372-252142), रुद्रप्रयाग में प्रेम सिंह, टिहरी में गणेश भट्ट (01376-232164), देहरादून में शशिकान्त गिरी (0135-2726066), हरिद्वार में नलिनी ध्यानी (8273702146, 01334-239029), पौड़ी में राजेश कोहली (01368-297216), पिथौरागढ़ में वरुण सांग्वान (05964-225236), बागेश्वर में आशीष शर्मा (9412995958), अल्मोड़ा में विनीत पाल (05962-298469), चम्पावत में देवेन्द्र सिंह पतवाल (05965-231091), नैनीताल में किरण लता जोशी (05942-234333) तथा ऊधमसिंह नगर में उमाशंकर सिंह (05944-250481, 250500, 250222) को हेल्प डेस्क का दायित्व सौंपा गया है। सभी जिलों के लिए टोल फ्री नंबर 1950 भी उपलब्ध रहेगा।
निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले के भीतर सीधे 1950 डायल किया जा सकता है, जबकि किसी अन्य जिले से संपर्क करने के लिए संबंधित जिले का एसटीडी कोड लगाना अनिवार्य होगा।
मतदाता भारत निर्वाचन आयोग के वोटर्स पोर्टल voters.eci.gov.in पर उपलब्ध “Book a Call With BLO” सुविधा का उपयोग कर अपने बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) से भी सीधे संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए ईपीआईसी नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करना आवश्यक होगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने मतदाताओं को साइबर ठगी से सावधान रहने की सलाह देते हुए कहा है कि निर्वाचन आयोग, बीएलओ या कोई भी निर्वाचन अधिकारी किसी मतदाता से ओटीपी नहीं मांगता है। इसलिए किसी भी व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी साझा न करें। साथ ही बीएलओ द्वारा उपलब्ध कराए गए गणना फॉर्म को सही जानकारी के साथ भरकर समय पर वापस जमा कराने की अपील की गई है।
