शिमला। वन निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची के कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और ठियोग विधायक कुलदीप सिंह राठौर को लेकर दिए बयान पर राजनीति गरमा गई है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने राठौर के समर्थन में उतरते हुए कहा कि वह कांग्रेस के कद्दावर और प्रतिष्ठित नेता हैं।
छात्र संगठन एनएसयूआई के अध्यक्ष से लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष तक का सफर तय करने वाले राठौर ने करीब चार दशक संगठन को मजबूत करने में लगाए हैं।
शिमला में मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में विक्रमादित्य ने कहा कि राठौर पहली बार विधानसभा चुनाव मैदान में उतरे और जीतकर विधानसभा पहुंचे।
उनके अनुसार, चुनावी राजनीति के साथ संगठन में राठौर के लंबे योगदान को भी देखा जाना चाहिए। विपक्ष में रहते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में उन्होंने पार्टी को एकजुट रखा और संगठन को मजबूत किया। प्रदेश में कांग्रेस को सत्ता में लाने में भी राठौर की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।
विक्रमादित्य ने कहा कि कांग्रेस को सत्ता तक पहुंचाने के लिए संगठनात्मक स्तर पर मेहनत करने वाले नेताओं में राठौर का योगदान अहम रहा। सच्चे नेतृत्व की पहचान पद से नहीं, बल्कि संगठन के प्रति समर्पण और जनता के प्रति जवाबदेही से होती है। उन्होंने कहा कि राठौर की दूरदर्शिता, संगठन क्षमता और जनसेवा की भावना कांग्रेस और हिमाचल के लिए महत्वपूर्ण है।
खाची ने कहा था- 11 लोग भी राठौर को नहीं जानते थे
केहर सिंह खाची ने ठियोग में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि 11 लोग भी कुलदीप राठौर को नहीं जानते थे। उनके इस बयान के बाद कांग्रेस के भीतर सियासी हलचल तेज है।
विक्रमादित्य ने इसके जवाब में राठौर की छात्र राजनीति से लेकर प्रदेश कांग्रेस संगठन के शीर्ष पद तक की राजनीतिक यात्रा और दशकों के योगदान को रेखांकित किया।
