देहरादून। भारतीय जनता पार्टी उत्तराखंड की प्रदेश कार्यशाला में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (वीबी जी राम जी) योजना के विकासोन्मुख और जनकल्याणकारी स्वरूप पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यशाला में योजना को जन-जन तक पहुंचाने और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए जनजागरण अभियान की राष्ट्रीय सह संयोजक एवं प्रदेश सह प्रभारी रेखा वर्मा ने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित बनाने के लिए ग्रामीण भारत का विकास अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि राहत आधारित सोच से आगे बढ़ते हुए विकास केंद्रित योजनाओं की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से मनरेगा की कमियों को दूर कर वीबी जी राम जी योजना लाई गई है, जिसमें रोजगार दिवस 125 किए गए हैं, 15 दिन में भुगतान की व्यवस्था, विलंब पर ब्याज, अधिक पारिश्रमिक और पंचायतों को योजना निर्माण का अधिकार जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं।
प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में ग्रामीण क्षेत्रों की भूमिका निर्णायक है। नई योजना में स्थायी निर्माण, जलसंचय, ग्रामीण बुनियादी ढांचा, आजीविका सृजन और आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों पर विशेष फोकस किया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे विषम भौगोलिक राज्य के लिए आपदा से जुड़े कार्यों में इस योजना से बड़ा लाभ मिलेगा और ग्रामीण रोजगार में भ्रष्टाचार उन्मूलन की दिशा में यह मील का पत्थर साबित होगी।
प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार ने कहा कि सरकार की इस योजना की सही जानकारी आम ग्रामीणों तक पहुंचाना पार्टी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है। उन्होंने विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी एकजुट होकर ऐसे प्रयासों को विफल करेगी। उन्होंने 28 फरवरी तक चलने वाले जनजागरण अभियान के तहत जिला स्तरीय पत्रकार वार्ता, सम्मेलन, किसान-श्रमिक चौपाल और संपर्क अभियानों की जानकारी भी दी।
कार्यशाला में प्रदेश सह प्रभारी, प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, दीप्ति रावत, तरुण बंसल सहित प्रदेश पदाधिकारी, सभी मोर्चों के अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष, जिला प्रभारी-सहप्रभारी तथा अभियान से जुड़े प्रदेश व जिला स्तर के कार्यकर्ताओं ने प्रतिभाग
