मुख्यमंत्री और रेल मंत्री ने एक सादे समारोह में नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच ब्रॉड गेज रेल सेक्शन की शुरुआत की।
चार ट्रेनों का विस्तार नेपालगंज रोड तक किया गया, जिससे सीमावर्ती इलाकों में विकास को बढ़ावा मिलेगा।
गोरखपुर, 31 अगस्त, 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव, डुमरियागंज से सांसद श्री जगदंबिका पाल, बहराइच से सांसद डॉ. आनंद कुमार गोंड और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ मिलकर नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेल सेक्शन के गेज कन्वर्ज़न और इलेक्ट्रिफिकेशन का उद्घाटन किया। लगभग ₹730 करोड़ की लागत से 56.15 किलोमीटर लंबे इस सेक्शन को ब्रॉड गेज में बदला गया और इसका इलेक्ट्रिफिकेशन किया गया। चार मौजूदा ट्रेन सेवाओं को भी नेपालगंज रोड तक बढ़ाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत नेपाल में हाल ही में आई बाढ़ के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई, जिसमें कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखा।

पड़ोसी देश नेपाल के हालात पर चिंता जताते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंध हैं। उन्होंने नेपाल में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि भारत सरकार मदद के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। श्री वैष्णव ने बताया कि प्रभावित इलाकों से बचाकर भारत लाए जा रहे यात्रियों के लिए रेलवे भी इंतज़ाम कर रहा है। उन्होंने कहा कि रेलवे ने उन्हें उनकी मंज़िल तक पहुँचाने के लिए स्पेशल कोच और दूसरी ज़रूरी सुविधाओं का इंतज़ाम किया है। श्री वैष्णव ने आगे कहा कि रेलवे बोर्ड, रेलवे ज़ोन, ज़िला और राज्य प्रशासन तथा विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि नेपाल के हालात से प्रभावित यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही और वापसी सुनिश्चित की जा सके।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा पर भी शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस त्रासदी ने न केवल मित्र देश नेपाल को, बल्कि भारत सहित कई देशों के लोगों को भी प्रभावित किया है और उन्होंने उन परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की जिन्होंने इस आपदा में अपने सदस्यों को खो दिया है।

नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच सेक्शन अब ब्रॉड गेज रेलवे नेटवर्क का हिस्सा बन गया है
नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच मीटर-गेज रेल सेक्शन मूल रूप से 1886 में बनाया गया था। गेज परिवर्तन और विद्युतीकरण का काम पूरा होने के साथ, यह सेक्शन अब ब्रॉड गेज रेलवे नेटवर्क का एक अहम हिस्सा बन गया है, जिससे बहराइच, रिसिया, मटेरा, नानपारा, बाबागंज और नेपालगंज रोड स्टेशनों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी मिल रही है।
रेलवे सेक्शन के उद्घाटन के मौके पर बोलते हुए, श्री वैष्णव ने कहा कि नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच सेक्शन का कन्वर्ज़न अब देश के बड़े रेलवे नेटवर्क से जुड़ गया है। श्री वैष्णव ने कहा कि पूरे देश में ब्रॉड-गेज कन्वर्ज़न का काम पूरा होने के करीब है।
लंबी दूरी की ट्रेन सेवाओं का नेपालगंज रोड तक विस्तार
यात्रियों की कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाने के लिए, रेल मंत्रालय ने 14213/14214 वाराणसी-बहराइच एक्सप्रेस, 15132/15131 वाराणसी सिटी-गोरखपुर एक्सप्रेस और 75109/75110 व 75111/75112 गोंडा-बहराइच ट्रेन सेवाओं की दो जोड़ियों को नेपालगंज रोड तक बढ़ाने की मंज़ूरी दी है।
इन सेवाओं से नेपालगंज रोड और आस-पास के इलाकों के यात्रियों को गोंडा, गोरखपुर, वाराणसी और अन्य प्रमुख शहरों के लिए सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी। यह विस्तार इस क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करता है और प्रमुख शहरी व आर्थिक केंद्रों तक पहुंच को काफी बेहतर बनाएगा। बेहतर कनेक्टिविटी से पड़ोसी देश नेपाल के लोगों को भी फ़ायदा होगा, खासकर उन्हें जो रोज़गार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, व्यापार और अन्य कामों के लिए सीमावर्ती इलाकों में आते-जाते हैं।
श्री आदित्यनाथ ने कहा कि रेल सेक्शन का उद्घाटन और चार नई ट्रेन सेवाओं की शुरुआत इस क्षेत्र के लोगों के दशकों पुराने सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने कहा कि नई रेल कनेक्टिविटी बहराइच, रुपईडीहा और नेपालगंज के बीच संबंधों को मज़बूत करेगी और सीमा के दोनों ओर के लोगों को ज़्यादा सुविधा प्रदान करेगी।
आकांक्षी ज़िले बहराइच के सीमावर्ती इलाके में गेज कन्वर्ज़न प्रोजेक्ट के पूरा होने से इस क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को बड़ी गति मिलने की उम्मीद है। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से लोगों और सामान की आवाजाही आसान होगी और क्षेत्र में व्यापार, रोज़गार, पर्यटन और सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
सीधे ब्रॉड गेज कनेक्शन से स्थानीय उत्पादों के लिए बड़े बाज़ारों तक बेहतर पहुँच मिलेगी और सीमावर्ती इलाकों तथा उत्तर प्रदेश और उसके बाहर के प्रमुख शहरों के बीच आर्थिक संबंध मज़बूत होंगे।
बेहतर रेल इंफ्रास्ट्रक्चर से क्षेत्र के लोगों के लिए नए अवसर पैदा होने और बहराइच तथा आस-पास के इलाकों के समग्र विकास में योगदान मिलने की उम्मीद है।
रेल सेक्शन के इलेक्ट्रिफिकेशन से इलेक्ट्रिक इंजन वाली ट्रेनें चल सकेंगी, जिससे डीज़ल पर निर्भरता कम होगी और कार्बन उत्सर्जन घटाने में मदद मिलेगी। यह पहल ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ रेल संचालन की दिशा में भारतीय रेलवे के प्रयासों के अनुरूप है।
रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि उत्तर प्रदेश, खासकर पूर्वांचल क्षेत्र में रेल नेटवर्क को मज़बूत करने के लिए व्यापक योजना पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि जहाँ पहले से दोहरी लाइनें हैं, वहाँ तीसरी और चौथी लाइनें जोड़कर सात प्रमुख रेल नेटवर्क को मज़बूत किया जा रहा है। उन्होंने पूर्वांचल को सेवा देने वाले दिल्ली-गाज़ियाबाद-मुरादाबाद-सीतापुर-बुढ़वल-गोंडा-गोरखपुर नेटवर्क का ज़िक्र किया और कहा कि दिल्ली से गोंडा सेक्शन को पहले ही मंज़ूरी मिल चुकी है।
उन्होंने कहा कि हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी के विकास से राज्य की रेल कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आएगा। प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी का ज़िक्र करते हुए श्री वैष्णव ने कहा कि यात्रा के समय में काफी कमी आएगी। उन्होंने बताया कि दिल्ली-आगरा की यात्रा में 58 मिनट, दिल्ली-कानपुर में 1 घंटा 45 मिनट, दिल्ली-लखनऊ में 2 घंटे 12 मिनट और दिल्ली-प्रयागराज में लगभग तीन घंटे लगेंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली-वाराणसी की यात्रा में लगभग साढ़े तीन घंटे लगेंगे।
