उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से कानून-व्यवस्था को चुनौती देती हुई एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां नीट (NEET) की तैयारी कर रही एक मेडिकल छात्रा को दबंगों ने कोचिंग जाते समय रास्ते से अगवा कर लिया और उसे बंधक बनाकर लगातार नशीले इंजेक्शन दिए गए। पीड़िता के मुताबिक, नशे की हालत में उसके साथ बार-बार दुष्कर्म (रेप) किया गया और जब उसने विरोध करने या चिल्लाने की कोशिश की, तो उसके हाथ-पैर बांधकर बेरहमी से पीटा गया। सिगरेट से उसके नाजुक अंगों व हाथों को जलाया गया। सोमवार को किसी तरह आरोपियों के चंगुल से छूटकर कोतवाली पहुंची छात्रा ने पुलिस के सामने अपनी आपबीती बयां की। पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
30 अप्रैल को कोचिंग जाते समय रास्ते से किया था अगवा
मूल रूप से मध्य प्रदेश के छतरपुर की रहने वाली 20 वर्षीय युवती महोबा शहर में एक किराए का कमरा लेकर नीट की कोचिंग कर रही थी। पीड़िता के पिता ने बीते 3 मई को महोबा कोतवाली में तहरीर देकर अपनी बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पिता ने पुलिस को बताया था कि 30 अप्रैल की सुबह उनकी बेटी हमेशा की तरह कोचिंग के लिए निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने पठा गांव निवासी मोहित श्रीवास नामक युवक पर शक जताते हुए आरोप लगाया था कि लापता होने से दो दिन पहले ही मोहित ने युवती को सरेराह रोककर अगवा करने और जानमाल की धमकी दी थी। पुलिस ने तब मोहित, अंकित और संतराम धोबी के खिलाफ अपहरण व धमकी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी, लेकिन पुलिस छात्रा को ढूंढने में नाकाम रही थी।
प्रयागराज में बंधक बनाकर जबरन निकाह/शादी की कोशिश
सोमवार को खुद कोतवाली पहुंची छात्रा ने जो दास्तां सुनाई, उसने रोंगटे खड़े कर दिए। छात्रा ने बताया कि 30 अप्रैल को रास्ते में एक तेज रफ्तार कार उसके पास आकर रुकी। कार में सवार बदमाशों ने उसे जबरन खींचकर अंदर बैठा लिया और विरोध करने पर मुंह दबाकर नशे का इंजेक्शन लगा दिया। होश आने पर उसने खुद को प्रयागराज के एक सुनसान मकान में पाया। कार में मुख्य आरोपी मोहित श्रीवास, अंकित श्रीवास, हल्लू श्रीवास और राजपूत समेत तीन-चार अज्ञात लोग शामिल थे।
प्रयागराज वाले मकान में मोहित के पिता और चाचा समेत कई अन्य लोग पहले से मौजूद थे। आरोपियों ने युवती को सात दिनों तक हाथ-पैर बांधकर एक अंधेरे कमरे में बंधक बनाए रखा और इस दौरान उसके साथ कई बार सामूहिक दुष्कर्म किया गया। आरोपी उस पर जबरन शादी करने का दबाव बना रहे थे और जब वह चिल्लाती थी, तो उसके हाथों को जलती हुई सिगरेट से बेरहमी से दागा जाता था।
क्षेत्राधिकारी नगर (CO City) अरुण सिंह ने मीडिया को बताया कि छात्रा खुद ही कोतवाली आई थी। शुरुआती छानबीन के साथ ऑडियो और वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। पुलिस ने घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए कोर्ट के आदेश पर धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट बयान दर्ज करा लिए हैं। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट और अदालती बयानों की समीक्षा के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी।
