शामली। हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। जिन चार शूटरों की पहचान हुई है, उनमें एक के खिलाफ हत्या के भी मुकदमे हैं, तीन अभी तक छोटे अपराध में शामिल रहे थे। उन्होंने अपने गैंग के आका के लिए इस हत्याकांड को अंजाम दिया। हत्याकांड में लारेंस बिश्नोई गिरोह के सहयोग में कार्य करने वाले गोगी गैंग का हाथ है। उसके सहयोग में राजेश उर्फ पंपू गैंग भी लगा है।
आशंका जताई जा रही है कि इनमें एक शूटर पंपू गैंग से शामिल किया गया था, जिसने रेकी की थी। मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर ने हत्याकांड के राजफाश के लिए 15 टीमों को लगाया है। एसटीएफ के साथ पुलिस की आठ टीमें उनकी घेराबंदी के लिए हरियाणा में जाल बिछा रखा है। उनके कुछ करीबियों को हिरासत में लिया गया है। एसटीएफ शूटरों के करीब तो पहुंची, लेकिन अभी हत्थे नहीं चढ़ सके हैं।
1200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज और 200 से अधिक संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच में यह बात सामने आई कि हमलावर मेरठ-करनाल हाईवे से शाम 4:54 में शामली शहर में दाखिल हुए। इसके बाद अलग-अलग रास्तों से घटनास्थल तक पहुंचे। जांच में सामने आया कि हत्या करने के 20 मिनट बाद सभी शूटरों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए और अलग-अलग रास्तों से फरार हो गए।
26 अगस्त की शाम 06:45 बजे अंकित की चार शूटरों ने जिम से निकलते ही गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। हत्याकांड को अंजाम देने के लिए शूटर बिना नंबर प्लेट की बाइक से आए थे। उन्होंने न तो हेलमेट पहना था और न ही अपने चेहरे ढके थे, ताकि आम लोगों की तरह दिखने के कारण पुलिस रास्ते में उन पर संदेह न करे। इससे पहले रोहतक व हिसार के शूटरों ने हरियाणा सीमा चौकी के पास रुककर कपड़े बदले थे।
यह भी स्पष्ट हुआ कि चारों शूटर एक-दूसरे से करनाल से सेक्टर चार में गोपी कुआं के पास मिले थे। सूत्रों के अनुसार करनाल में ही शूटरों को हथियार भी दिए गए थे। साथ ही कुछ संदिग्ध लोगों ने शूटरों को यहां हत्या को अंजाम देने की ट्रेनिंग भी दी थी।
घटनास्थल से उठाई गई मोबाइल लोकेशन और डंप डाटा की जांच से स्पष्ट हुआ है कि हत्याकांड में केवल शूटर ही नहीं, बल्कि आठ और संदिग्ध लोग शामिल हैं। चार शूटरों में से दो शूटर घटना के दौरान लगातार आठ अन्य लोगों के संपर्क में थे। एक टीम उन्हें रास्ते के हर कदम की लोकेशन लगातार मुहैया करा रही थी।
