अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले की जांच लगातार तेज होती जा रही है। इस बहुचर्चित मामले में पुलिस ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से लंबी पूछताछ कर उनका विस्तृत बयान दर्ज किया है। सूत्रों के अनुसार बंद कमरे में कई घंटों तक चली पूछताछ के दौरान पुलिस ने चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था, दान राशि के संग्रह, बैंक में जमा करने की व्यवस्था और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे। जांच एजेंसी इस पूरे मामले में हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है ताकि चोरी की घटना की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।
पुलिस अधिकारियों ने ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की है। जांच का मुख्य फोकस यह जानना है कि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान को किस प्रक्रिया के तहत एकत्र किया जाता है, उसकी गिनती कैसे होती है और बाद में उसे बैंक तक पहुंचाने की जिम्मेदारी किन लोगों के पास होती है। जांच एजेंसी पूरी प्रक्रिया की कड़ियों को जोड़कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित चोरी किस स्तर पर हुई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।
इसी क्रम में पुलिस की एक टीम अयोध्या धाम स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की शाखा भी पहुंची, जहां राम मंदिर ट्रस्ट का आधिकारिक बैंक खाता संचालित होता है। जांच के दौरान पुलिस ने बैंक अधिकारियों से आवश्यक जानकारी ली और चढ़ावे से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में लिए। इन दस्तावेजों की जांच के आधार पर लेन-देन और नकदी जमा करने की पूरी प्रक्रिया का मिलान किया जाएगा।
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में छह लोग बैंक के आउटसोर्सिंग कर्मचारी हैं, जिन्हें मंदिर में चढ़ावे की गिनती और बाद में बैंक में जमा कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। आरोपियों में अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, रमाशंकर सहित अन्य कर्मचारियों के नाम शामिल हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित चोरी किसी एक व्यक्ति की करतूत थी या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय था।
जांच एजेंसियां बैंक रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, ड्यूटी रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों का मिलान कर रही हैं। साथ ही संबंधित कर्मचारियों और ट्रस्ट से जुड़े लोगों के बयानों का भी विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि सभी साक्ष्यों की जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
राम मंदिर जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल से जुड़े इस मामले पर देशभर की नजर बनी हुई है। पुलिस का दावा है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जा रही है तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
