पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से जुड़ी कथित आडियो क्लिप को लेकर राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है।
वायरल आडियो में एक हजार में डेढ़, दो हजार में भेड़ जैसी आपत्तिजनक टिप्पणी सुनाई देने का दावा किया जा रहा है। मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए आयोग ने मुक्तसर के एसएसपी को 29 मई सुबह नौ बजे व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए हैं।
आयोग की यह कार्रवाई सामाजिक सुरक्षा मंत्री डा. बलजीत कौर के भेजे संदेश के आधार पर हुई है। पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग एक्ट-2004 की धारा 10 के तहत जांच शुरू कर दी गई है। आयोग ने पुलिस को आडियो सैंपल की फोरेंसिक जांच कराने और पूरी तथ्यात्मक रिपोर्ट सौंपने को कहा है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि आदेश न मानने पर आयोग सिविल अदालत जैसी शक्तियों का प्रयोग कर सकता है।
वहीं राजा वड़िंग ने एक्स पर पोस्ट कर आडियो को फर्जी बताया है। उन्होंने कहा कि करीब सात साल पुराना फर्जी आडियो अब एससी कमीशन के जरिए उन्हें बदनाम करने के लिए इस्तेमाल हो रहा है। वड़िंग का दावा है कि बच्चा भी बता सकता है कि वह आवाज मेरी नहीं है। उन्होंने आप सरकार पर संस्थाओं के दुरुपयोग और राजनीतिक बदला लेने का आरोप लगाया। साथ ही फर्जी सामग्री फैलाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई इस क्लिप के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। फिलहाल पुलिस आडियो की सत्यता और आवाज के मिलान की जांच में जुटी हैं। आयोग फोरेंसिक रिपोर्ट, जांच की स्थिति और सभी तथ्यों का इंतजार कर रहा है। मामले में अगली सुनवाई 29 मई को होगी।
