शिमला। प्रदेश सरकार ने 1988 बैच के वरिष्ठ आइएएस अधिकारी संजय गुप्ता को सेवानिवृत्ति से पांच दिन पहले मुख्य सचिव बना दिया। संजय गुप्ता पहली अक्टूबर 2025 से मुख्य सचिव का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे हैं उन्हें मंगलवार को कार्मिक विभाग ने अधिसूचना जारी कर मुख्य सचिव के पद पर नियुक्ति के आदेश जारी किए।
संजय गुप्ता प्रदेश के पहले मुख्य सचिव हैं जो करीब आठ माह तक मुख्य सचिव का अतिरिक्त कार्यभार संभालने के बाद सेवानिवृत्ति से पांच दिन पहले मुख्य सचिव बने हैं। संजय गुप्ता 31 मई को रविवार का अवकाश होने के कारण अब 30 मई को सेवानिवृत्त होंगे।
पूर्व मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना को छह माह का सेवाविस्तार मिला था। उसके बाद संजय गुप्ता को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा। संजय गुप्ता के मुख्य सचिव बनने के साथ ही सचिव सहकारिता अमरजीत को नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है।
अब मुख्य सचिव कौन होगा?
अब मुख्य सचिव कौन होगा इसे लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। संजय गुप्ता अब तक अतिरिक्त मुख्य सचिव (टाउन एंड कंट्री प्लानिंग एवं हाउसिंग) के पद पर कार्यरत थे और मुख्य सचिव का अतिरिक्त कार्यभार भी संभाल रहे थे।
मुख्य सचिव व अतिरिक्त मुख्य सचिव को एकसमान वेतनमान लागू है, ऐसे में गुप्ता को मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त होने पर पेंशन व वेतनमान में कोई अतिरिक्त लाभ नहीं मिलेगा।
मुख्य सचिव पद की दौड़ में पंत सबसे आगे
मुख्य सचिव पद से संजय गुप्ता के सेवानिवृत्त होने के बाद वर्ष 1993 बैच के आइएएस अधिकारी एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव केके पंत मुख्य सचिव पद की दौड़ में सबसे आगे दिख रहे हैं। उनके पास गृह, राजस्व, वन विभाग है।
वर्ष 1994 बैच के आइएएस अधिकारी एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा दूसरे नंबर हैं। इनके पास जनजातीय विकास का कार्यभार है। वर्ष 1995 बैच के आइएएस अधिकारी व अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी नजीम तीसरे नंबर पर हैं जिनके पास उद्योग, परिवहन, खाद्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग हैं। दिल्ली में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं प्रदान कर रहीं वर्ष 1994 बैच की अधिकारी अनुराधा ठाकुर और वर्ष 1995 बैच के भरत हरबंस खेड़ा हैं।
विवादों से जुड़े रहे संजय गुप्ता
मुख्य सचिव का अतिरिक्त दायित्व संभालने के बाद संजय गुप्ता का नाम सोलन जिले के चेस्टर हिल विवाद से जोड़ा गया। भाजपा और माकपा ने उन्हें पद से हटाने की मांग भी की। उनके द्वारा जारी किए गए एक आदेश को सरकार ने वापस भी लिया, जिसकी जांच चल रही है। संजय गुप्ता ने पहले ही अपने पर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
एक एचएएस अधिकारी तब्दील
प्रदेश सरकार ने एक एचएएस अधिकारी को अतिरिक्त कार्यभार सौंपने के साथ एक अन्य को तब्दील किया है। अतिरिक्त सचिव राजस्व-आपदा प्रबंधन निशांत ठाकुर को राजस्व विभाग का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है, सदस्य सचिव हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग ऊना विनय मोदी को एसी टू डीसी ऊना के पद पर तब्दील किया है। उनके पास सदस्य सचिव हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग ऊना के पद का अतिरिक्त कार्यभार भी रहेगा।
