चंडीगढ़। राज्य सरकार ने आदर्श स्कूलों में सेवाएं दे रहे शिक्षकों के वेतन में 120 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान कहा कि सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 1,100 शिक्षकों को लाभ मिलेगा। इन शिक्षकों का मासिक वेतन करीब 10 हजार रुपये से बढ़कर 22 हजार रुपये से अधिक हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को यह निर्णय शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के बाद लिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं और उन्हें सम्मान के साथ उचित वेतन मिलना चाहिए। इसीलिए करीब दो दशक से कम वेतन पर सेवाएं दे रहे आदर्श स्कूलों के शिक्षकों की जायज मांग को सरकार ने स्वीकार किया है।
बेहतर शिक्षा देने में अधिक प्रभावी भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीबीएसई से मान्यता प्राप्त इन आदर्श स्कूलों में 15 हजार से अधिक विद्यार्थी शिक्षा हासिल कर रहे हैं। ऐसे में शिक्षकों को आर्थिक सुरक्षा और बेहतर सेवा सुविधाएं उपलब्ध कराना विद्यार्थियों के भविष्य के लिए भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब शिक्षक सुरक्षित और सम्मानित महसूस करेंगे तो वे विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे।
मान ने कहा कि पिछली सरकारों ने आदर्श स्कूलों के शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका की अनदेखी की। उनकी सरकार ने शिक्षकों की जायज मांगों को स्वीकार किया है और आगे भी उनके हितों की रक्षा की जाएगी। सरकार का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ प्रदेश के प्रत्येक विद्यार्थी का भविष्य सुरक्षित करना है।
केंद्रीय विद्यालयों की तर्ज पर मिलेंगी सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि वेतन बढ़ोतरी के साथ शिक्षकों को केंद्रीय विद्यालयों की तर्ज पर सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे उनकी सेवा शर्तों में सुधार होगा और उन्हें बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और कर्मचारियों के हितों की अनदेखी नहीं की जाएगी।
बैठक में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस, मुख्य सचिव केएपी सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव डा. रवि भगत, स्कूल शिक्षा सचिव सोनाली गिरि सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
